यशायाह ३५:७
मृगतृष्णा ताल बन जाएगी और सूखी भूमि में सोते फूटेंगे; और जिस स्थान में सियार बैठा करते हैं उसमें घास और नरकट और सरकण्डे होंगे।यशायाह ३५:७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 35:7
- The burning sand will become a pool, and the thirsty ground springs of water. Grass with reeds and rushes will be in the habitation of jackals, where they lay.
- ગુજરાતી — યશાયા ૩૫:૭
- દઝાડતી રેતી તે તળાવ, અને તરસી ભૂમિ તે પાણીના ઝરણાં બની જશે; શિયાળોનાં રહેઠાણમાં, તેમના સૂવાને સ્થાને, ઘાસની સાથે બરુ તથા સરકટ ઊગશે.
संदर्भ में
५तब अंधों की आँखें खोली जाएँगी और बहरों के कान भी खोले जाएँगे;
६तब लँगड़ा हिरन की सी चौकड़ियाँ भरेगा और गूँगे अपनी जीभ से जयजयकार करेंगे। क्योंकि जंगल में जल के सोते फूट निकलेंगे और मरूभूमि में नदियाँ बहने लगेंगी; (मत्ती 11:5, यशा. 41:17,18)
७मृगतृष्णा ताल बन जाएगी और सूखी भूमि में सोते फूटेंगे; और जिस स्थान में सियार बैठा करते हैं उसमें घास और नरकट और सरकण्डे होंगे।
८वहाँ एक सड़क अर्थात् राजमार्ग होगा, उसका नाम पवित्र मार्ग होगा; कोई अशुद्ध जन उस पर से न चलने पाएगा ; वह तो उन्हीं के लिये रहेगा और उस मार्ग पर जो चलेंगे वह चाहे मूर्ख भी हों तो भी कभी न भटकेंगे।
९वहाँ सिंह न होगा ओर न कोई हिंसक जन्तु उस पर न चढ़ेगा न वहाँ पाया जाएगा, परन्तु छुड़ाए हुए उसमें नित चलेंगे।
