यशायाह ४०:२०
जो कंगाल इतना अर्पण नहीं कर सकता, वह ऐसा वृक्ष चुन लेता है जो न घुने; तब एक निपुण कारीगर ढूँढ़कर मूरत खुदवाता और उसे ऐसा स्थिर कराता है कि वह हिल न सके। (प्रेरि. 17:29)यशायाह ४०:२० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 40:20
- He who is too impoverished for such an offering chooses a tree that will not rot. He seeks a skillful workman to set up a carved image for him that will not be moved.
- ગુજરાતી — યશાયા ૪૦:૨૦
- જે માણસ દરિદ્રી થઈ જવાથી અર્પણ કરવાને અસમર્થ થઈ ગયો હોય, તે સડી નહિ જાય એવું લાકડું પસંદ કરે છે, તે કુશળ કારીગરને શોધે છે કે જે હાલે નહિ કે પડી ન જાય એવી મૂર્તિ સ્થાપન કરે.
संदर्भ में
१८तुम परमेश्वर को किसके समान बताओगे और उसकी उपमा किस से दोगे?
१९मूरत! कारीगर ढालता है, सुनार उसको सोने से मढ़ता और उसके लिये चाँदी की साँकलें ढालकर बनाता है।
२०जो कंगाल इतना अर्पण नहीं कर सकता, वह ऐसा वृक्ष चुन लेता है जो न घुने; तब एक निपुण कारीगर ढूँढ़कर मूरत खुदवाता और उसे ऐसा स्थिर कराता है कि वह हिल न सके। (प्रेरि. 17:29)
२१क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? क्या तुम को आरम्भ ही से नहीं बताया गया? क्या तुम ने पृथ्वी की नींव पड़ने के समय ही से विचार नहीं किया?
२२यह वह है जो पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहनेवाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल के समान फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है;
