यशायाह ४७:८
इसलिए सुन, तू जो राग-रंग में उलझी हुई निडर बैठी रहती है और मन में कहती है कि “मैं ही हूँ, और मुझे छोड़ कोई दूसरा नहीं; मैं विधवा के समान न बैठूँगी और न मेरे बाल-बच्चे मिटेंगे।” (सप. 2:15, प्रका. 18:7)यशायाह ४७:८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 47:8
- “Now therefore hear this, you who are given to pleasures, who sit securely, who say in your heart, ‘I am, and there is no one else besides me. I won’t sit as a widow, neither will I know the loss of children.’
- ગુજરાતી — યશાયા ૪૭:૮
- તેથી હવે આ સાંભળ, હે એશઆરામમાં નિશ્ચિંત થઈને બેસી રહેનારી, તું તારા હૃદયમાં કહે છે, “હું અસ્તિત્વમાં છું અને મારા જેવું બીજું કોઈ નથી; હું વિધવા તરીકે ક્યારેય બેસીશ નહિ, કે કદી બાળકો ગુમાવવાનો અનુભવ કરીશ નહિ.”
संदर्भ में
६मैंने अपनी प्रजा से क्रोधित होकर अपने निज भाग को अपवित्र ठहराया और तेरे वश में कर दिया; तूने उन पर कुछ दया न की; बूढ़ों पर तूने अपना अत्यन्त भारी जूआ रख दिया।
७तूने कहा, “मैं सर्वदा स्वामिनी बनी रहूँगी,” इसलिए तूने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा।
८इसलिए सुन, तू जो राग-रंग में उलझी हुई निडर बैठी रहती है और मन में कहती है कि “मैं ही हूँ, और मुझे छोड़ कोई दूसरा नहीं; मैं विधवा के समान न बैठूँगी और न मेरे बाल-बच्चे मिटेंगे।” (सप. 2:15, प्रका. 18:7)
९सुन, ये दोनों दुःख अर्थात् लड़कों का जाता रहना और विधवा हो जाना, अचानक एक ही दिन तुझ पर आ पड़ेंगे। तेरे बहुत से टोन्हों और तेरे भारी-भारी तंत्र-मंत्रों के रहते भी ये तुझ पर अपने पूरे बल से आ पड़ेंगे। (प्रका. 18:8,23)
१०तूने अपनी दुष्टता पर भरोसा रखा , तूने कहा, “मुझे कोई नहीं देखता;” तेरी बुद्धि और ज्ञान ने तुझे बहकाया और तूने अपने मन में कहा, “मैं ही हूँ और मेरे सिवाय कोई दूसरा नहीं।”
