यशायाह ५:४
मेरी दाख की बारी के लिये और क्या करना रह गया जो मैंने उसके लिये न किया हो? फिर क्या कारण है कि जब मैंने दाख की आशा की तब उसमें निकम्मी दाखें लगीं?यशायाह ५:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 5:4
- What could have been done more to my vineyard, that I have not done in it? Why, when I looked for it to yield grapes, did it yield wild grapes?
- ગુજરાતી — યશાયા ૫:૪
- મારી દ્રાક્ષવાડી વિશે વધારે હું શું કરી શક્યો હોત, જે મેં નથી કર્યું? જયારે હું સારી દ્રાક્ષ ઊપજવાની આશા રાખતો હતો, ત્યારે તેમાં જંગલી દ્રાક્ષની ઊપજ કેમ થઈ હશે?
संदर्भ में
२उसने उसकी मिट्टी खोदी और उसके पत्थर बीनकर उसमें उत्तम जाति की एक दाखलता लगाई; उसके बीच में उसने एक गुम्मट बनाया, और दाखरस के लिये एक कुण्ड भी खोदा; तब उसने दाख की आशा की, परन्तु उसमें निकम्मी दाखें ही लगीं।
३अब हे यरूशलेम के निवासियों और हे यहूदा के मनुष्यों, मेरे और मेरी दाख की बारी के बीच न्याय करो।
४मेरी दाख की बारी के लिये और क्या करना रह गया जो मैंने उसके लिये न किया हो? फिर क्या कारण है कि जब मैंने दाख की आशा की तब उसमें निकम्मी दाखें लगीं?
५अब मैं तुम को बताता हूँ कि अपनी दाख की बारी से क्या करूँगा। मैं उसके काँटेवाले बाड़े को उखाड़ दूँगा कि वह चट की जाए, और उसकी दीवार को ढा दूँगा कि वह रौंदी जाए।
६मैं उसे उजाड़ दूँगा; वह न तो फिर छाँटी और न खोदी जाएगी और उसमें भाँति-भाँति के कटीले पेड़ उगेंगे; मैं मेघों को भी आज्ञा दूँगा कि उस पर जल न बरसाएँ।
