यशायाह ५:७
क्योंकि सेनाओं के यहोवा की दाख की बारी इस्राएल का घराना, और उसका प्रिय पौधा यहूदा के लोग है; और उसने उनमें न्याय की आशा की परन्तु अन्याय देख पड़ा; उसने धार्मिकता की आशा की, परन्तु उसे चिल्लाहट ही सुन पड़ी! (भज. 80:8, मत्ती 3:8-10)यशायाह ५:७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 5:7
- For the vineyard of the LORD of Armies is the house of Israel, and the men of Judah his pleasant plant. He looked for justice, but behold, oppression, for righteousness, but behold, a cry of distress.
- ગુજરાતી — યશાયા ૫:૭
- કેમ કે ઇઝરાયલી લોકો તે સૈન્યોના યહોવાહની દ્રાક્ષવાડી છે અને યહૂદિયાના લોકો તેના મનપસંદ રોપા છે; તેણે ન્યાયની આશા રાખી હતી, પણ બદલામાં ત્યાં રક્તપાત હતો, નેકીની આશા રાખી હતી પણ ત્યાં વિલાપ હતો.
संदर्भ में
५अब मैं तुम को बताता हूँ कि अपनी दाख की बारी से क्या करूँगा। मैं उसके काँटेवाले बाड़े को उखाड़ दूँगा कि वह चट की जाए, और उसकी दीवार को ढा दूँगा कि वह रौंदी जाए।
६मैं उसे उजाड़ दूँगा; वह न तो फिर छाँटी और न खोदी जाएगी और उसमें भाँति-भाँति के कटीले पेड़ उगेंगे; मैं मेघों को भी आज्ञा दूँगा कि उस पर जल न बरसाएँ।
७क्योंकि सेनाओं के यहोवा की दाख की बारी इस्राएल का घराना, और उसका प्रिय पौधा यहूदा के लोग है; और उसने उनमें न्याय की आशा की परन्तु अन्याय देख पड़ा; उसने धार्मिकता की आशा की, परन्तु उसे चिल्लाहट ही सुन पड़ी! (भज. 80:8, मत्ती 3:8-10)
८हाय उन पर जो घर से घर, और खेत से खेत यहाँ तक मिलाते जाते हैं कि कुछ स्थान नहीं बचता, कि तुम देश के बीच अकेले रह जाओ।
९सेनाओं के यहोवा ने मेरे सुनते कहा है: “निश्चय बहुत से घर सुनसान हो जाएँगे, और बड़े-बड़े और सुन्दर घर निर्जन हो जाएँगे। (आमो. 6:11, मत्ती 26:38)
