यशायाह ५३:२
क्योंकि वह उसके सामने अंकुर के समान, और ऐसी जड़ के समान उगा जो निर्जल भूमि में फूट निकले; उसकी न तो कुछ सुन्दरता थी कि हम उसको देखते, और न उसका रूप ही हमें ऐसा दिखाई पड़ा कि हम उसको चाहते। (मत्ती 2:23)यशायाह ५३:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 53:2
- For he grew up before him as a tender plant, and as a root out of dry ground. He has no good looks or majesty. When we see him, there is no beauty that we should desire him.
- ગુજરાતી — યશાયા ૫૩:૨
- તે યહોવાહની સમક્ષ રોપાની જેમ ઊગી નીકળ્યો અને સૂકી ભૂમિમાં ફણગાની જેમ ફૂટી નીકળ્યો; તેની પાસે કોઈ સૌંદર્ય કે વૈભવ ન હતા; જયારે આપણે તેને જોયો, તેનામાં આપણને આકર્ષી શકે તેવી સુંદરતા નહોતી.
संदर्भ में
१जो समाचार हमें दिया गया, उसका किसने विश्वास किया? और यहोवा का भुजबल किस पर प्रगट हुआ? (यूह. 12:38, रोम. 10:16)
२क्योंकि वह उसके सामने अंकुर के समान, और ऐसी जड़ के समान उगा जो निर्जल भूमि में फूट निकले; उसकी न तो कुछ सुन्दरता थी कि हम उसको देखते, और न उसका रूप ही हमें ऐसा दिखाई पड़ा कि हम उसको चाहते। (मत्ती 2:23)
३वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दुःखी पुरुष था, रोग से उसकी जान-पहचान थी; और लोग उससे मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हमने उसका मूल्य न जाना। (मर. 9:12)
४निश्चय उसने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दुःखों को उठा लिया; तो भी हमने उसे परमेश्वर का मारा-कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा। (मत्ती 8:17, 1 पत. 2:24)
