यशायाह ५३:७
वह सताया गया, तो भी वह सहता रहा और अपना मुँह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय और भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उसने भी अपना मुँह न खोला। (यूह. 1:29, मत्ती 27:12,14, मर. 15:4,5, 1 कुरि. 5:7, प्रका. 5:6,12)यशायाह ५३:७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 53:7
- He was oppressed, yet when he was afflicted he didn’t open his mouth. As a lamb that is led to the slaughter, and as a sheep that before its shearers is silent, so he didn’t open his mouth.
- ગુજરાતી — યશાયા ૫૩:૭
- તેના પર જુલમ ગુજારવામાં આવ્યો; તો પણ તેણે નમ્ર થઈને પોતાનું મુખ ઉઘાડ્યું નહિ; જેમ હલવાનને વધ કરવા માટે લઈ જવામાં આવે છે અને જેમ ઘેટું પોતાના કાતરનારની આગળ મૂંગું રહે છે, તેમ તેણે પોતાનું મુખ ખોલ્યું નહિ.
संदर्भ में
५परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के कारण कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम लोग चंगे हो जाएँ। (रोम. 4:25, 1 पत. 2:24)
६हम तो सब के सब भेड़ों के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना-अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभी के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया। (प्रेरि. 10:43, 1 पत. 2:25)
७वह सताया गया, तो भी वह सहता रहा और अपना मुँह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय और भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उसने भी अपना मुँह न खोला। (यूह. 1:29, मत्ती 27:12,14, मर. 15:4,5, 1 कुरि. 5:7, प्रका. 5:6,12)
८अत्याचार करके और दोष लगाकर वे उसे ले गए; उस समय के लोगों में से किसने इस पर ध्यान दिया कि वह जीवितों के बीच में से उठा लिया गया? मेरे ही लोगों के अपराधों के कारण उस पर मार पड़ी। (प्रेरि. 8:32,33)
९उसकी कब्र भी दुष्टों के संग ठहराई गई, और मृत्यु के समय वह धनवान का संगी हुआ, यद्यपि उसने किसी प्रकार का उपद्रव न किया था और उसके मुँह से कभी छल की बात नहीं निकली थी। (1 कुरि. 15:3, 1 पत. 2:22, 1 यूह. 3:5, यूह. 19:38-42)
