यशायाह ५६:२
क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो ऐसा ही करता, और वह आदमी जो इस पर स्थिर रहता है, जो विश्रामदिन को पवित्र मानता और अपवित्र करने से बचा रहता है, और अपने हाथ को सब भाँति की बुराई करने से रोकता है।”यशायाह ५६:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 56:2
- Blessed is the man who does this, and the son of man who holds it fast; who keeps the Sabbath without profaning it and keeps his hand from doing any evil.”
- ગુજરાતી — યશાયા ૫૬:૨
- જે માણસ એ પ્રમાણે વર્તે છે અને જે તેને ચુસ્ત રીતે વળગી રહે છે, જે વિશ્રામવારને અપવિત્ર ન કરતાં તેને પાળે છે અને ભૂંડું કરવાથી પોતાનો હાથ પાછો રાખે છે તે આશીર્વાદિત છે.”
संदर्भ में
१यहोवा यह कहता है, “न्याय का पालन करो, और धर्म के काम करो; क्योंकि मैं शीघ्र तुम्हारा उद्धार करूँगा, और मेरा धर्मी होना प्रगट होगा।
२क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो ऐसा ही करता, और वह आदमी जो इस पर स्थिर रहता है, जो विश्रामदिन को पवित्र मानता और अपवित्र करने से बचा रहता है, और अपने हाथ को सब भाँति की बुराई करने से रोकता है।”
३जो परदेशी यहोवा से मिल गए हैं, वे न कहें, “यहोवा हमें अपनी प्रजा से निश्चय अलग करेगा;” और खोजे भी न कहें, “ हम तो सूखे वृक्ष हैं ।”
४“क्योंकि जो खोजे मेरे विश्रामदिन को मानते और जिस बात से मैं प्रसन्न रहता हूँ उसी को अपनाते और मेरी वाचा का पालन करते हैं,” उनके विषय यहोवा यह कहता है,
