यशायाह ५६:७
उनको मैं अपने पवित्र पर्वत पर ले आकर अपने प्रार्थना के भवन में आनन्दित करूँगा; उनके होमबलि और मेलबलि मेरी वेदी पर ग्रहण किए जाएँगे; क्योंकि मेरा भवन सब देशों के लोगों के लिये प्रार्थना का घर कहलाएगा। (मला. 1:11, मर. 11:17, 1 पत. 2:5)यशायाह ५६:७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 56:7
- I will bring these to my holy mountain, and make them joyful in my house of prayer. Their burnt offerings and their sacrifices will be accepted on my altar; for my house will be called a house of prayer for all peoples.”
- ગુજરાતી — યશાયા ૫૬:૭
- તેઓને હું મારા પવિત્ર પર્વત પર લાવીશ અને મારા પ્રાર્થનાના ઘરમાં તેઓને આનંદ કરાવીશ; તેઓનાં દહનીયાર્પણો તથા તેઓનાં બલિદાનો મારી વેદી પર માન્ય થશે, કેમ કે મારું ઘર તે સર્વ દેશનાઓ માટે પ્રાર્થનાનું ઘર કહેવાશે.
संदर्भ में
५“मैं अपने भवन और अपनी शहरपनाह के भीतर उनको ऐसा नाम दूँगा जो पुत्र-पुत्रियों से कहीं उत्तम होगा; मैं उनका नाम सदा बनाए रखूँगा और वह कभी न मिटाया जाएगा।
६“परदेशी भी जो यहोवा के साथ इस इच्छा से मिले हुए हैं कि उसकी सेवा टहल करें और यहोवा के नाम से प्रीति रखें और उसके दास हो जाएँ, जितने विश्रामदिन को अपवित्र करने से बचे रहते और मेरी वाचा को पालते हैं,
७उनको मैं अपने पवित्र पर्वत पर ले आकर अपने प्रार्थना के भवन में आनन्दित करूँगा; उनके होमबलि और मेलबलि मेरी वेदी पर ग्रहण किए जाएँगे; क्योंकि मेरा भवन सब देशों के लोगों के लिये प्रार्थना का घर कहलाएगा। (मला. 1:11, मर. 11:17, 1 पत. 2:5)
८प्रभु यहोवा, जो निकाले हुए इस्राएलियों को इकट्ठे करनेवाला है, उसकी यह वाणी है कि जो इकट्ठे किए गए हैं उनके साथ मैं औरों को भी इकट्ठे करके मिला दूँगा।” (यूह. 10:16)
९हे मैदान के सब जन्तुओं, हे वन के सब पशुओं, खाने के लिये आओ।
