यशायाह ५७:१
धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिए जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिए उठा लिया गया कि आनेवाली आपत्ति से बच जाए,यशायाह ५७:१ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 57:1
- The righteous perish, and no one lays it to heart. Merciful men are taken away, and no one considers that the righteous is taken away from the evil.
- ગુજરાતી — યશાયા ૫૭:૧
- ન્યાયી માણસ નાશ પામે છે, પણ કોઈ તે ધ્યાનમાં લેતું નથી અને કરારના વિશ્વાસુપણાના લોકો દૂર એકત્ર થાય છે પણ કોઈ સમજતું નથી કે ન્યાયી દુષ્ટતાથી દૂર એકત્ર થાય છે.
संदर्भ में
१धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिए जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिए उठा लिया गया कि आनेवाली आपत्ति से बच जाए,
२वह शान्ति को पहुँचता है; जो सीधी चाल चलता है वह अपनी खाट पर विश्राम करता है।
३परन्तु तुम, हे जादूगरनी के पुत्रों, हे व्यभिचारी और व्यभिचारिणी की सन्तान, यहाँ निकट आओ।
