यशायाह ५८:६
“जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूँ, वह क्या यह नहीं, कि, अन्याय से बनाए हुए दासों, और अंधेर सहनेवालों का जूआ तोड़कर उनको छुड़ा लेना, और, सब जूओं को टुकड़े-टुकड़े कर देना? (लूका 4:18,19, नीति. 21:3, याकू. 1:27)यशायाह ५८:६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 58:6
- “Isn’t this the fast that I have chosen: to release the bonds of wickedness, to undo the straps of the yoke, to let the oppressed go free, and that you break every yoke?
- ગુજરાતી — યશાયા ૫૮:૬
- આ એ ઉપવાસ નથી જેને હું પસંદ કરું છું: દુષ્ટતાનાં બંધનો છોડવાં, ઝૂંસરીનાં દોરડાં છોડવાં, કચડાયેલાઓને મુકત કરવા અને દરેક ઝૂંસરીને ભાંગી નાખવી.
संदर्भ में
४सुनो, तुम्हारे उपवास का फल यह होता है कि तुम आपस में लड़ते और झगड़ते और दुष्टता से घूँसे मारते हो। जैसा उपवास तुम आजकल रखते हो, उससे तुम्हारी प्रार्थना ऊपर नहीं सुनाई देगी।
५जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूँ अर्थात् जिसमें मनुष्य स्वयं को दीन करे, क्या तुम इस प्रकार करते हो? क्या सिर को झाऊ के समान झुकाना, अपने नीचे टाट बिछाना, और राख फैलाने ही को तुम उपवास और यहोवा को प्रसन्न करने का दिन कहते हो? (मत्ती 6:16, जक. 7:5)
६“जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूँ, वह क्या यह नहीं, कि, अन्याय से बनाए हुए दासों, और अंधेर सहनेवालों का जूआ तोड़कर उनको छुड़ा लेना, और, सब जूओं को टुकड़े-टुकड़े कर देना? (लूका 4:18,19, नीति. 21:3, याकू. 1:27)
७क्या वह यह नहीं है कि अपनी रोटी भूखों को बाँट देना, अनाथ और मारे-मारे फिरते हुओं को अपने घर ले आना, किसी को नंगा देखकर वस्त्र पहनाना, और अपने जातिभाइयों से अपने को न छिपाना? (इब्रा. 13:2,3, नीति. 25:21, 28:27, मत्ती 25:35,36)
८तब तेरा प्रकाश पौ फटने के समान चमकेगा, और तू शीघ्र चंगा हो जाएगा; तेरी धार्मिकता तेरे आगे-आगे चलेगी, यहोवा का तेज तेरे पीछे रक्षा करते चलेगा। (भज. 37:6, यिर्म. 33:6, लूका 1:78,79)
