यशायाह ६:५
तब मैंने कहा, “हाय! हाय! मैं नाश हुआ; क्योंकि मैं अशुद्ध होंठवाला मनुष्य हूँ, और अशुद्ध होंठवाले मनुष्यों के बीच में रहता हूँ; क्योंकि मैंने सेनाओं के यहोवा महाराजाधिराज को अपनी आँखों से देखा है!”यशायाह ६:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 6:5
- Then I said, “Woe is me! For I am undone, because I am a man of unclean lips and I live among a people of unclean lips, for my eyes have seen the King, the LORD of Armies!”
- ગુજરાતી — યશાયા ૬:૫
- ત્યારે મેં કહ્યું, “મને અફસોસ છે! મારું આવી બન્યું છે કારણ કે હું અશુદ્ધ હોઠોનો માણસ છું અને અશુદ્ધ હોઠોના લોકોમાં હું રહું છું, કેમ કે મારી આંખોએ રાજાને, એટલે સૈન્યોના યહોવાહને જોયા છે!”
संदर्भ में
३और वे एक दूसरे से पुकार पुकारकर कह रहे थे: “सेनाओं का यहोवा पवित्र, पवित्र, पवित्र है; सारी पृथ्वी उसके तेज से भरपूर है।” (प्रका. 4:8, प्रका. 15:8)
४और पुकारनेवाले के शब्द से डेवढ़ियों की नींवें डोल उठी, और भवन धुएँ से भर गया।
५तब मैंने कहा, “हाय! हाय! मैं नाश हुआ; क्योंकि मैं अशुद्ध होंठवाला मनुष्य हूँ, और अशुद्ध होंठवाले मनुष्यों के बीच में रहता हूँ; क्योंकि मैंने सेनाओं के यहोवा महाराजाधिराज को अपनी आँखों से देखा है!”
६तब एक साराप हाथ में अंगारा लिए हुए, जिसे उसने चिमटे से वेदी पर से उठा लिया था, मेरे पास उड़कर आया।
७उसने उससे मेरे मुँह को छूकर कहा, “देख, इसने तेरे होठों को छू लिया है, इसलिए तेरा अधर्म दूर हो गया और तेरे पाप क्षमा हो गए।”
