यशायाह ६३:३
“ मैंने तो अकेले ही हौद में दाखें रौंदी हैं , और देश के लोगों में से किसी ने मेरा साथ नहीं दिया; हाँ, मैंने अपने क्रोध में आकर उन्हें रौंदा और जलकर उन्हें लताड़ा; उनके लहू के छींटे मेरे वस्त्रों पर पड़े हैं, इससे मेरा सारा पहरावा धब्बेदार हो गया है। (प्रका. 19:15, प्रका. 14:20)यशायाह ६३:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 63:3
- “I have trodden the wine press alone. Of the peoples, no one was with me. Yes, I trod them in my anger and trampled them in my wrath. Their lifeblood is sprinkled on my garments, and I have stained all my clothing.
- ગુજરાતી — યશાયા ૬૩:૩
- મેં એકલાએ દ્રાક્ષકુંડમાં દ્રાક્ષ ખૂંદી છે અને લોકોમાંથી કોઈ માણસ મારી સાથે નહોતો. મેં મારા રોષમાં તેઓને ખૂંદી અને મારા કોપમાં તેઓને છૂંદી નાખી. તેઓનું રક્ત મારા વસ્ત્ર પર છંટાયું અને તેથી મારા તમામ પોશાક પર ડાઘ પડ્યા છે.
संदर्भ में
१यह कौन है जो एदोम देश के बोस्रा नगर से लाल वस्त्र पहने हुए चला आता है, जो अति बलवान और भड़कीला पहरावा पहने हुए झूमता चला आता है? “यह मैं ही हूँ, जो धार्मिकता से बोलता और पूरा उद्धार करने की शक्ति रखता हूँ।”
२तेरा पहरावा क्यों लाल है? और क्या कारण है कि तेरे वस्त्र हौद में दाख रौंदनेवाले के समान हैं?
३“ मैंने तो अकेले ही हौद में दाखें रौंदी हैं , और देश के लोगों में से किसी ने मेरा साथ नहीं दिया; हाँ, मैंने अपने क्रोध में आकर उन्हें रौंदा और जलकर उन्हें लताड़ा; उनके लहू के छींटे मेरे वस्त्रों पर पड़े हैं, इससे मेरा सारा पहरावा धब्बेदार हो गया है। (प्रका. 19:15, प्रका. 14:20)
४क्योंकि बदला लेने का दिन मेरे मन में था, और मेरी छुड़ाई हुई प्रजा का वर्ष आ पहुँचा है।
५मैंने खोजा, पर कोई सहायक न दिखाई पड़ा; मैंने इससे अचम्भा भी किया कि कोई सम्भालनेवाला नहीं था; तब मैंने अपने ही भुजबल से उद्धार किया, और मेरी जलजलाहट ही ने मुझे सम्भाला।
