याकूब १:११
क्योंकि सूर्य उदय होते ही कड़ी धूप पड़ती है और घास को सुखा देती है, और उसका फूल झड़ जाता है, और उसकी शोभा मिटती जाती है; उसी प्रकार धनवान भी अपने कार्यों के मध्य में ही लोप हो जाएँगे। (भज. 102:11, यशा. 40:7,8)याकूब १:११ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — James 1:11
- For the sun arises with the scorching wind and withers the grass; and the flower in it falls, and the beauty of its appearance perishes. So the rich man will also fade away in his pursuits.
- ગુજરાતી — યાકૂબનો પત્ર ૧:૧૧
- કેમ કે સૂર્ય ઊગે છે અને ગરમ પવન વાય છે ત્યારે ઘાસ ચીમળાય છે; તેનું ફૂલ ખરી પડે છે અને તેના સૌંદર્યની શોભા નાશ પામે છે તેમ શ્રીમંત પણ તેના વ્યવહારમાં વિલીન થઈ જશે.
संदर्भ में
९दीन भाई अपने ऊँचे पद पर घमण्ड करे।
१०और धनवान अपनी नीच दशा पर; क्योंकि वह घास के फूल की तरह मिट जाएगा।
११क्योंकि सूर्य उदय होते ही कड़ी धूप पड़ती है और घास को सुखा देती है, और उसका फूल झड़ जाता है, और उसकी शोभा मिटती जाती है; उसी प्रकार धनवान भी अपने कार्यों के मध्य में ही लोप हो जाएँगे। (भज. 102:11, यशा. 40:7,8)
१२धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकलकर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिसकी प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करनेवालों को दी है।
१३जब किसी की परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वह किसी की परीक्षा आप करता है।
