यिर्मयाह १०:५
वे ककड़ी के खेत में खड़े पुतले के समान हैं, पर वे बोल नहीं सकतीं; उन्हें उठाए फिरना पड़ता है, क्योंकि वे चल नहीं सकतीं। उनसे मत डरो, क्योंकि, न तो वे कुछ बुरा कर सकती हैं और न कुछ भला।”यिर्मयाह १०:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Jeremiah 10:5
- They are like a palm tree, of turned work, and don’t speak. They must be carried, because they can’t move. Don’t be afraid of them; for they can’t do evil, neither is it in them to do good.”
- ગુજરાતી — યર્મિયા ૧૦:૫
- તે કાકડીની વાડીના સ્તંભ જેવી છે. મૂર્તિઓ બોલતી નથી, તેઓને ઉપાડવી પડે છે. કેમ કે તેઓ ચાલી શકતી નથી. તેઓથી ન બીઓ. કેમ કે તેઓ ભૂંડું કરી શકે નહિ. તેમ જ ભલું પણ કરી શકતી નથી.
संदर्भ में
३क्योंकि देशों के लोगों की रीतियाँ तो निकम्मी हैं। मूरत तो वन में से किसी का काटा हुआ काठ है जिसे कारीगर ने बसूले से बनाया है।
४लोग उसको सोने-चाँदी से सजाते और हथौड़े से कील ठोंक-ठोंककर दृढ़ करते हैं कि वह हिल-डुल न सके।
५वे ककड़ी के खेत में खड़े पुतले के समान हैं, पर वे बोल नहीं सकतीं; उन्हें उठाए फिरना पड़ता है, क्योंकि वे चल नहीं सकतीं। उनसे मत डरो, क्योंकि, न तो वे कुछ बुरा कर सकती हैं और न कुछ भला।”
६हे यहोवा, तेरे समान कोई नहीं है; तू महान है, और तेरा नाम पराक्रम में बड़ा है।
७हे सब जातियों के राजा, तुझ से कौन न डरेगा? क्योंकि यह तेरे योग्य है; अन्यजातियों के सारे बुद्धिमानों में, और उनके सारे राज्यों में तेरे समान कोई नहीं है। (प्रका. 15:4)
