यिर्मयाह १२:४
कब तक देश विलाप करता रहेगा, और सारे मैदान की घास सूखी रहेगी ? देश के निवासियों की बुराई के कारण पशु-पक्षी सब नाश हो गए हैं, क्योंकि उन लोगों ने कहा, “वह हमारे अन्त को न देखेगा।”यिर्मयाह १२:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Jeremiah 12:4
- How long will the land mourn, and the herbs of the whole country wither? Because of the wickedness of those who dwell therein, the animals and birds are consumed; because they said, “He won’t see our latter end.”
- ગુજરાતી — યર્મિયા ૧૨:૪
- ક્યાં સુધી ભૂમિ શોક કરશે અને ખેતરમાંની વનસ્પતિ કરમાઈ જશે? દેશના રહેવાસીઓની દુષ્ટતાને કારણે, પશુ તથા પક્ષી નષ્ટ થયાં છે. તેમ છતાં, લોકો કહે છે, “આપણને શું થાય છે તે ઈશ્વર જાણતા નથી.’
संदर्भ में
२तू उनको बोता और वे जड़ भी पकड़ते; वे बढ़ते और फलते भी हैं; तू उनके मुँह के निकट है परन्तु उनके मनों से दूर है।
३हे यहोवा तू मुझे जानता है; तू मुझे देखता है, और तूने मेरे मन की परीक्षा करके देखा कि मैं तेरी ओर किस प्रकार रहता हूँ। जैसे भेड़-बकरियाँ घात होने के लिये झुण्ड में से निकाली जाती हैं, वैसे ही उनको भी निकाल ले और वध के दिन के लिये तैयार कर। (भज. 17:3)
४कब तक देश विलाप करता रहेगा, और सारे मैदान की घास सूखी रहेगी ? देश के निवासियों की बुराई के कारण पशु-पक्षी सब नाश हो गए हैं, क्योंकि उन लोगों ने कहा, “वह हमारे अन्त को न देखेगा।”
५“तू जो प्यादों ही के संग दौड़कर थक गया है तो घोड़ों के संग कैसे बराबरी कर सकेगा? और यद्यपि तू शान्ति के इस देश में निडर है, परन्तु यरदन के आस-पास के घने जंगल में तू क्या करेगा?
६क्योंकि तेरे भाई और तेरे घराने के लोगों ने भी तेरा विश्वासघात किया है; वे तेरे पीछे ललकारते हैं, यदि वे तुझ से मीठी बातें भी कहें, तो भी उन पर विश्वास न करना।”
