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वह उस वाचा के समान न होगी जो मैंने उनके पुरखाओं से उस समय बाँधी थी जब मैं उनका हाथ पकड़कर उन्हें मिस्र देश से निकाल लाया, क्योंकि यद्यपि मैं उनका पति था, तो भी उन्होंने मेरी वह वाचा तोड़ डाली।

यिर्मयाह ३१:३२ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishJeremiah 31:32
not according to the covenant that I made with their fathers in the day that I took them by the hand to bring them out of the land of Egypt, which covenant of mine they broke, although I was a husband to them,” says the LORD.
ગુજરાતીયર્મિયા ૩૧:૩૨
મેં જ્યારે એમના પિતૃઓને હાથ પકડીને મિસરમાંથી બહાર કાઢ્યાં હતા ત્યારે તેઓની સાથે જે કરાર કર્યો હતો તેવો આ કરાર નહિ હોય. હું તેઓનો વિશ્વાસુ માલિક હોવા છતાં પણ તેમણે મારા કરારનું ઉલ્લંઘન કર્યુ છે.” એવું યહોવાહ કહે છે.

संदर्भ में

३०क्योंकि जो कोई खट्टे अंगूर खाए उसी के दाँत खट्टे हो जाएँगे, और हर एक मनुष्य अपने ही अधर्म के कारण मारा जाएगा।

३१“फिर यहोवा की यह भी वाणी है, सुन, ऐसे दिन आनेवाले हैं जब मैं इस्राएल और यहूदा के घरानों से नई वाचा बाँधूँगा । (मत्ती 26:28, लूका 22:20, 1 कुरि. 11:25,2 कुरि. 3:6, इब्रा. 8:8,9)

३२वह उस वाचा के समान न होगी जो मैंने उनके पुरखाओं से उस समय बाँधी थी जब मैं उनका हाथ पकड़कर उन्हें मिस्र देश से निकाल लाया, क्योंकि यद्यपि मैं उनका पति था, तो भी उन्होंने मेरी वह वाचा तोड़ डाली।

३३परन्तु जो वाचा मैं उन दिनों के बाद इस्राएल के घराने से बाँधूँगा, वह यह है: मैं अपनी व्यवस्था उनके मन में समवाऊँगा, और उसे उनके हृदय पर लिखूँगा; और मैं उनका परमेश्वर ठहरूँगा, और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे, यहोवा की यह वाणी है। (2 कुरि. 3:3, इब्रा. 8:10,11, रोम. 11:26,27)

३४और तब उन्हें फिर एक दूसरे से यह न कहना पड़ेगा कि यहोवा को जानो, क्योंकि, यहोवा की यह वाणी है कि छोटे से लेकर बड़े तक, सब के सब मेरा ज्ञान रखेंगे; क्योंकि मैं उनका अधर्म क्षमा करूँगा, और उनका पाप फिर स्मरण न करूँगा।” (1 थिस्स. 4:9, प्रेरि. 10:43, 1 थिस्स. 4:9, इब्रा. 10:17)

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