यिर्मयाह ३८:२६
तो तू उनसे कहना, ‘मैंने राजा से गिड़गिड़ाकर विनती की थी कि मुझे योनातान के घर में फिर वापिस न भेज नहीं तो वहाँ मर जाऊँगा।’”यिर्मयाह ३८:२६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Jeremiah 38:26
- then you shall tell them, ‘I presented my supplication before the king, that he would not cause me to return to Jonathan’s house, to die there.’”
- ગુજરાતી — યર્મિયા ૩૮:૨૬
- છતાં તું કેવળ એટલું જ કહેજે કે, રાજા મને યહોનાથાનના ઘરમાં મરવાને પાછો મોકલે નહિ તેવી દીન વિનંતી મેં રાજાને કરી હતી.”
संदर्भ में
२४तब सिदकिय्याह ने यिर्मयाह से कहा, “इन बातों को कोई न जानने पाए, तो तू मारा न जाएगा।
२५यदि हाकिम लोग यह सुनकर कि मैंने तुझ से बातचीत की है तेरे पास आकर कहने लगें, ‘हमें बता कि तूने राजा से क्या कहा, हम से कोई बात न छिपा, और हम तुझे न मरवा डालेंगे; और यह भी बता, कि राजा ने तुझ से क्या कहा,’
२६तो तू उनसे कहना, ‘मैंने राजा से गिड़गिड़ाकर विनती की थी कि मुझे योनातान के घर में फिर वापिस न भेज नहीं तो वहाँ मर जाऊँगा।’”
२७फिर सब हाकिमों ने यिर्मयाह के पास आकर पूछा, और जैसा राजा ने उसको आज्ञा दी थी, ठीक वैसा ही उसने उनको उत्तर दिया। इसलिए वे उससे और कुछ न बोले और न वह भेद खुला।
२८इस प्रकार जिस दिन यरूशलेम ले लिया गया उस दिन तक वह पहरे के आँगन ही में रहा।
