यिर्मयाह ४०:५
वह वहीं था कि नबूजरदान ने फिर उससे कहा, “गदल्याह जो अहीकाम का पुत्र और शापान का पोता है, जिसको बाबेल के राजा ने यहूदा के नगरों पर अधिकारी ठहराया है, उसके पास लौट जा और उसके संग लोगों के बीच रह, या जहाँ कहीं तुझे जाना ठीक जान पड़े वहीं चला जा।” अतः अंगरक्षकों के प्रधान ने उसको भोजन-सामग्री और कुछ उपहार भी देकर विदा किया।यिर्मयाह ४०:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Jeremiah 40:5
- Now while he had not yet gone back, “Go back then,” he said, “to Gedaliah the son of Ahikam, the son of Shaphan, whom the king of Babylon has made governor over the cities of Judah, and dwell with him among the people; or go wherever it seems right to you to go.” So the captain of the guard gave him food and a present, and let him go.
- ગુજરાતી — યર્મિયા ૪૦:૫
- પરંતુ યર્મિયાએ જવાબ આપ્યો નહિ ત્યારે નબૂઝારઅદાને કહ્યું, “શાફાનના દીકરા, અહિકામના દીકરા, ગદાલ્યાને બાબિલના રાજાએ યહૂદા નગરો ઉપર હાકેમ બનાવ્યો છે, તેની પાસે પાછો જા. અને તેની પાસે લોકોમાં રહે અથવા જ્યાં કઈ તને યોગ્ય લાગે ત્યાં જઇ શકે છે.” ત્યારબાદ રક્ષક ટુકડીના સરદારે તેને ખોરાક અને ભેટ આપ્યાં અને વિદાય કર્યો.
संदर्भ में
३जैसा यहोवा ने कहा था वैसा ही उसने पूरा भी किया है। तुम लोगों ने जो यहोवा के विरुद्ध पाप किया और उसकी आज्ञा नहीं मानी, इस कारण तुम्हारी यह दशा हुई है।
४अब मैं तेरी इन हथकड़ियों को काट देता हूँ, और यदि मेरे संग बाबेल में जाना तुझे अच्छा लगे तो चल, वहाँ मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूँगा; और यदि मेरे संग बाबेल जाना तुझे न भाए, तो यहीं रह जा। देख, सारा देश तेरे सामने पड़ा है, जिधर जाना तुझे अच्छा और ठीक लगे उधर ही चला जा।”
५वह वहीं था कि नबूजरदान ने फिर उससे कहा, “गदल्याह जो अहीकाम का पुत्र और शापान का पोता है, जिसको बाबेल के राजा ने यहूदा के नगरों पर अधिकारी ठहराया है, उसके पास लौट जा और उसके संग लोगों के बीच रह, या जहाँ कहीं तुझे जाना ठीक जान पड़े वहीं चला जा।” अतः अंगरक्षकों के प्रधान ने उसको भोजन-सामग्री और कुछ उपहार भी देकर विदा किया।
६तब यिर्मयाह अहीकाम के पुत्र गदल्याह के पास मिस्पा को गया, और वहाँ उन लोगों के बीच जो देश में रह गए थे, रहने लगा।
७योद्धाओं के जो दल दिहात में थे, जब उनके सब प्रधानों ने अपने जनों समेत सुना कि बाबेल के राजा ने अहीकाम के पुत्र गदल्याह को देश का अधिकारी ठहराया है, और देश के जिन कंगाल लोगों को वह बाबेल को नहीं ले गया, क्या पुरुष, क्या स्त्री, क्या बाल-बच्चे , उन सभी को उसे सौंप दिया है,
