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Methodist Church Nadiad
मिस्र नील नदी के समान बढ़ता है, उसका जल महानदों का सा उछलता है। वह कहता है, मैं चढ़कर पृथ्वी को भर दूँगा, मैं नगरों को उनके निवासियों समेत नाश कर दूँगा।

यिर्मयाह ४६:८ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishJeremiah 46:8
Egypt rises up like the Nile, like rivers whose waters surge. He says, ‘I will rise up. I will cover the earth. I will destroy cities and its inhabitants.’
ગુજરાતીયર્મિયા ૪૬:૮
મિસર નીલની જેમ ચઢી આવે છે, તેનાં પાણી નદીઓનાં પૂરની જેમ ઊછળે છે. તે કહે છે, હું ચઢી આવીશ; અને આખી પૃથ્વીને ઢાકી દઈશ, હું નગરોને અને તેના રહેવાસીઓને નષ્ટ કરીશ.’

संदर्भ में

न वेग चलनेवाला भागने पाएगा और न वीर बचने पाएगा; क्योंकि उत्तर दिशा में फरात महानद के तट पर वे सब ठोकर खाकर गिर पड़े।

“यह कौन है, जो नील नदी के समान, जिसका जल महानदों का सा उछलता है, बढ़ा चला आता है?

मिस्र नील नदी के समान बढ़ता है, उसका जल महानदों का सा उछलता है। वह कहता है, मैं चढ़कर पृथ्वी को भर दूँगा, मैं नगरों को उनके निवासियों समेत नाश कर दूँगा।

हे मिस्री सवारों आगे बढ़ो, हे रथियों, बहुत ही वेग से चलाओ! हे ढाल पकड़नेवाले कूशी और पूती वीरों, हे धनुर्धारी लूदियों चले आओ।

१०क्योंकि वह दिन सेनाओं के यहोवा प्रभु के बदला लेने का दिन होगा जिसमें वह अपने द्रोहियों से बदला लेगा। तलवार खाकर तृप्त होगी, और उनका लहू पीकर छक जाएगी। क्योंकि, उत्तर के देश में फरात महानद के तीर पर, सेनाओं के यहोवा प्रभु का यज्ञ है। (लूका 21:22)

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