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Methodist Church Nadiad
इसलिए, यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं इन बातों का दण्ड न दूँ? क्या मैं ऐसी जाति से पलटा न लूँ?”

यिर्मयाह ५:२९ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishJeremiah 5:29
“Shouldn’t I punish for these things?” says the LORD. “Shouldn’t my soul be avenged on such a nation as this?
ગુજરાતીયર્મિયા ૫:૨૯
યહોવાહ કહે છે કે શું આ બધી બાબતોને લીધે હું તેમને સજા નહી કરું? એવી પ્રજાને માટે મારો જીવ બદલો શું નહિ લે?

संदर्भ में

२७जैसा पिंजड़ा चिड़ियों से भरा हो, वैसे ही उनके घर छल से भरे रहते हैं; इसी प्रकार वे बढ़ गए और धनी हो गए हैं।

२८वे मोटे और चिकने हो गए हैं। बुरे कामों में वे सीमा को पार कर गए हैं; वे न्याय, विशेष करके अनाथों का न्याय नहीं चुकाते; इससे उनका काम सफल नहीं होता वे कंगालों का हक़ भी नहीं दिलाते।

२९इसलिए, यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं इन बातों का दण्ड न दूँ? क्या मैं ऐसी जाति से पलटा न लूँ?”

३०देश में ऐसा काम होता है जिससे चकित और रोमांचित होना चाहिये।

३१भविष्यद्वक्ता झूठमूठ भविष्यद्वाणी करते हैं; और याजक उनके सहारे से प्रभुता करते हैं; मेरी प्रजा को यह भाता भी है, परन्तु अन्त के समय तुम क्या करोगे?

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