यिर्मयाह ९:१०
“मैं पहाड़ों के लिये रो उठूँगा और शोक का गीत गाऊँगा, और जंगल की चराइयों के लिये विलाप का गीत गाऊँगा, क्योंकि वे ऐसे जल गए हैं कि कोई उनमें से होकर नहीं चलता, और उनमें पशुओं का शब्द भी नहीं सुनाई पड़ता; पशु-पक्षी सब भाग गए हैं।यिर्मयाह ९:१० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Jeremiah 9:10
- I will weep and wail for the mountains, and lament for the pastures of the wilderness, because they are burned up, so that no one passes through; Men can’t hear the voice of the livestock. Both the birds of the sky and the animals have fled. They are gone.
- ગુજરાતી — યર્મિયા ૯:૧૦
- હું પર્વતોને માટે શોક અને રુદન કરીશ. અને જંગલમાં બીડોને માટે વિલાપ કરીશ. કેમ કે તેઓ એટલાં બધાં બળી ગયા છે કે કોઈ તેમાં થઈને જતું નથી. જાનવરોનો અવાજ સંભળાતો નથી. અને આકાશના પક્ષીઓ તથા પશુઓ પણ ત્યાંથી નાસી ગયાં છે.
संदर्भ में
८उनकी जीभ काल के तीर के समान बेधनेवाली है, उससे छल की बातें निकलती हैं; वे मुँह से तो एक दूसरे से मेल की बात बोलते हैं पर मन ही मन एक दूसरे की घात में लगे रहते हैं।
९क्या मैं ऐसी बातों का दण्ड न दूँ? यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं ऐसी जाति से अपना पलटा न लूँ?
१०“मैं पहाड़ों के लिये रो उठूँगा और शोक का गीत गाऊँगा, और जंगल की चराइयों के लिये विलाप का गीत गाऊँगा, क्योंकि वे ऐसे जल गए हैं कि कोई उनमें से होकर नहीं चलता, और उनमें पशुओं का शब्द भी नहीं सुनाई पड़ता; पशु-पक्षी सब भाग गए हैं।
११मैं यरूशलेम को खण्डहर बनाकर गीदड़ों का स्थान बनाऊँगा; और यहूदा के नगरों को ऐसा उजाड़ दूँगा कि उनमें कोई न बसेगा।” (यशा. 25:2)
१२जो बुद्धिमान पुरुष हो वह इसका भेद समझ ले, और जिसने यहोवा के मुख से इसका कारण सुना हो वह बता दे। देश का नाश क्यों हुआ? क्यों वह जंगल के समान ऐसा जल गया कि उसमें से होकर कोई नहीं चलता?
