अय्यूब २:११
जब तेमानी एलीपज, और शूही बिल्दद, और नामाती सोपर, अय्यूब के इन तीन मित्रों ने इस सब विपत्ति का समाचार पाया जो उस पर पड़ी थीं, तब वे आपस में यह ठानकर कि हम अय्यूब के पास जाकर उसके संग विलाप करेंगे, और उसको शान्ति देंगे, अपने-अपने यहाँ से उसके पास चले।अय्यूब २:११ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Job 2:11
- Now when Job’s three friends heard of all this evil that had come on him, they each came from his own place: Eliphaz the Temanite, Bildad the Shuhite, and Zophar the Naamathite; and they made an appointment together to come to sympathize with him and to comfort him.
- ગુજરાતી — અયૂબ ૨:૧૧
- આ સર્વ વિપત્તિ અયૂબ પર આવી પડી હતી, તે વિષે તેના ત્રણ મિત્રોએ સાંભળ્યું, ત્યારે અલિફાઝ તેમાની, બિલ્દાદ શૂહી અને સોફાર નાઅમાથી પોતપોતાને ઘેરથી આવ્યા. તેઓ તેના દુઃખમાં ભાગ લેવાને તથા તેને દિલાસો આપવાને મસલત કરીને તેની પાસે આવ્યા હતા.
संदर्भ में
९तब उसकी पत्नी उससे कहने लगी, “क्या तू अब भी अपनी खराई पर बना है? परमेश्वर की निन्दा कर, और चाहे मर जाए तो मर जा।”
१०उसने उससे कहा, “तू एक मूर्ख स्त्री के समान बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दुःख न लें ?” इन सब बातों में भी अय्यूब ने अपने मुँह से कोई पाप नहीं किया।
११जब तेमानी एलीपज, और शूही बिल्दद, और नामाती सोपर, अय्यूब के इन तीन मित्रों ने इस सब विपत्ति का समाचार पाया जो उस पर पड़ी थीं, तब वे आपस में यह ठानकर कि हम अय्यूब के पास जाकर उसके संग विलाप करेंगे, और उसको शान्ति देंगे, अपने-अपने यहाँ से उसके पास चले।
१२जब उन्होंने दूर से आँख उठाकर अय्यूब को देखा और उसे न पहचान सके, तब चिल्लाकर रो उठे; और अपना-अपना बागा फाड़ा, और आकाश की और धूलि उड़ाकर अपने-अपने सिर पर डाली। (यहे. 27:30,31)
१३तब वे सात दिन और सात रात उसके संग भूमि पर बैठे रहे, परन्तु उसका दुःख बहुत ही बड़ा जानकर किसी ने उससे एक भी बात न कही।
