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Methodist Church Nadiad
क्या मैं उसके लिये रोता नहीं था, जिसके दुर्दिन आते थे? और क्या दरिद्र जन के कारण मैं प्राण में दुःखित न होता था?

अय्यूब ३०:२५ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishJob 30:25
Didn’t I weep for him who was in trouble? Wasn’t my soul grieved for the needy?
ગુજરાતીઅયૂબ ૩૦:૨૫
શું દુ:ખી માનવીઓ માટે મેં આંસુ સાર્યાં નથી? કંગાલો માટે મારું હૃદય શું રડી ઊઠયું નથી?

संदर्भ में

२३हाँ, मुझे निश्चय है, कि तू मुझे मृत्यु के वश में कर देगा , और उस घर में पहुँचाएगा, जो सब जीवित प्राणियों के लिये ठहराया गया है।

२४“तो भी क्या कोई गिरते समय हाथ न बढ़ाएगा? और क्या कोई विपत्ति के समय दुहाई न देगा?

२५क्या मैं उसके लिये रोता नहीं था, जिसके दुर्दिन आते थे? और क्या दरिद्र जन के कारण मैं प्राण में दुःखित न होता था?

२६जब मैं कुशल का मार्ग जोहता था, तब विपत्ति आ पड़ी; और जब मैं उजियाले की आशा लगाए था, तब अंधकार छा गया।

२७मेरी अंतड़ियाँ निरन्तर उबलती रहती हैं और आराम नहीं पातीं; मेरे दुःख के दिन आ गए हैं।

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