अय्यूब ७:४
जब मैं लेट जाता, तब कहता हूँ, ‘मैं कब उठूँगा?’ और रात कब बीतेगी? और पौ फटने तक छटपटाते-छटपटाते थक जाता हूँ।अय्यूब ७:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Job 7:4
- When I lie down, I say, ‘When will I arise, and the night be gone?’ I toss and turn until the dawning of the day.
- ગુજરાતી — અયૂબ ૭:૪
- સૂતી વેળાએ હું વિચારું છું કે, ‘હું ક્યારે ઊઠીશ અને રાત્રી ક્યારે પસાર થશે?’ સૂર્યોદય થતાં સુધી હું આમતેમ પડખાં ફેરવ્યા કરું છું.
संदर्भ में
२जैसा कोई दास छाया की अभिलाषा करे, या मजदूर अपनी मजदूरी की आशा रखे;
३वैसा ही मैं अनर्थ के महीनों का स्वामी बनाया गया हूँ, और मेरे लिये क्लेश से भरी रातें ठहराई गई हैं। (अय्यू. 15:31)
४जब मैं लेट जाता, तब कहता हूँ, ‘मैं कब उठूँगा?’ और रात कब बीतेगी? और पौ फटने तक छटपटाते-छटपटाते थक जाता हूँ।
५मेरी देह कीड़ों और मिट्टी के ढेलों से ढकी हुई है ; मेरा चमड़ा सिमट जाता, और फिर गल जाता है। (यशा. 14:11)
६मेरे दिन जुलाहे की ढरकी से अधिक फुर्ती से चलनेवाले हैं और निराशा में बीते जाते हैं।
