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Methodist Church Nadiad
इस पर यहूदी यह कहकर आपस में झगड़ने लगे, “यह मनुष्य कैसे हमें अपना माँस खाने को दे सकता है?”

यूहन्ना ६:५२ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishJohn 6:52
The Jews therefore contended with one another, saying, “How can this man give us his flesh to eat?”
ગુજરાતીયોહાન ૬:૫૨
તે માટે યહૂદીઓએ અંદરોઅંદર વાદવિવાદ કરતાં કહ્યું કે, ‘એ માણસ પોતાનું માંસ આપણને ખાવાને શી રીતે આપી શકે?’”

संदर्भ में

५०यह वह रोटी है जो स्वर्ग से उतरती है ताकि मनुष्य उसमें से खाए और न मरे।

५१जीवन की रोटी जो स्वर्ग से उतरी मैं हूँ। यदि कोई इस रोटी में से खाए, तो सर्वदा जीवित रहेगा; और जो रोटी मैं जगत के जीवन के लिये दूँगा, वह मेरा माँस है।”

५२इस पर यहूदी यह कहकर आपस में झगड़ने लगे, “यह मनुष्य कैसे हमें अपना माँस खाने को दे सकता है?”

५३यीशु ने उनसे कहा, “मैं तुम से सच-सच कहता हूँ जब तक मनुष्य के पुत्र का माँस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।

५४जो मेरा माँस खाता, और मेरा लहू पीता है, अनन्त जीवन उसी का है, और मैं अन्तिम दिन फिर उसे जिला उठाऊँगा।

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