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Methodist Church Nadiad
और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो कि तुम किसकी सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा ही की सेवा नित करूँगा।”

यहोशू २४:१५ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishJoshua 24:15
If it seems evil to you to serve the LORD, choose today whom you will serve; whether the gods which your fathers served that were beyond the River, or the gods of the Amorites, in whose land you dwell; but as for me and my house, we will serve the LORD.”
ગુજરાતીયહોશુઆ ૨૪:૧૫
જો તમારી દ્રષ્ટિમાં યહોવાહની આરાધના કરવી એ અયોગ્ય લાગતું હોય, તો આજે તમે પોતે નક્કી કરો કે તમે કોની સેવા કરશો? ફ્રાત નદીની પેલી પાર રહેતા તમારા પૂર્વજોના દેવોની અથવા જે અમોરીઓના દેશમાં તમે રહો છો તેઓના દેવોની તમે પૂજાભક્તિ કરશો? પણ હું અને મારું કુટુંબ તો યહોવાહની જ સેવા કરીશું.

संदर्भ में

१३फिर मैंने तुम्हें ऐसा देश दिया जिसमें तुम ने परिश्रम न किया था, और ऐसे नगर भी दिए हैं जिन्हें तुम ने न बसाया था, और तुम उनमें बसे हो; और जिन दाख और जैतून के बगीचों के फल तुम खाते हो उन्हें तुम ने नहीं लगाया था।’

१४“इसलिए अब यहोवा का भय मानकर उसकी सेवा खराई और सच्चाई से करो; और जिन देवताओं की सेवा तुम्हारे पुरखा फरात के उस पार और मिस्र में करते थे, उन्हें दूर करके यहोवा की सेवा करो।

१५और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो कि तुम किसकी सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा ही की सेवा नित करूँगा।”

१६तब लोगों ने उत्तर दिया, “यहोवा को त्याग कर दूसरे देवताओं की सेवा करनी हम से दूर रहे;

१७क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा वही है जो हमको और हमारे पुरखाओं को दासत्व के घर, अर्थात् मिस्र देश से निकाल ले आया, और हमारे देखते बड़े-बड़े आश्चर्यकर्म किए, और जिस मार्ग पर और जितनी जातियों के मध्य में से हम चले आते थे उनमें हमारी रक्षा की;

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