न्यायियों १४:१६
तब शिमशोन की पत्नी यह कहकर उसके सामने रोने लगी, “तू तो मुझसे प्रेम नहीं, बैर ही रखता है; कि तूने एक पहेली मेरी जाति के लोगों से तो कही है, परन्तु मुझ को उसका अर्थ भी नहीं बताया।” उसने कहा, “मैंने उसे अपनी माता या पिता को भी नहीं बताया, फिर क्या मैं तुझको बता दूँ?”न्यायियों १४:१६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Judges 14:16
- Samson’s wife wept before him, and said, “You just hate me, and don’t love me. You’ve told a riddle to the children of my people, and haven’t told it to me.” He said to her, “Behold, I haven’t told my father or my mother, so why should I tell you?”
- ગુજરાતી — ન્યાયાધીશો ૧૪:૧૬
- સામસૂનની પત્ની તેની આગળ રડવા લાગી, “તું જે સર્વ કરે છે તે દ્વારા મને ધિક્કારતો હોય એવું લાગે છે! તું મને પ્રેમ કરતો નથી. તેં મારા કેટલાક લોકોને ઉખાણું કહ્યું, પણ તેં મને તેનો જવાબ કહ્યો નથી.” સામસૂને તેને કહ્યું, “અહીંયાં જો, મેં મારા માતાપિતાને કહ્યું નથી, તો શું હું તને કહું?”
संदर्भ में
१४उसने उनसे कहा, “खानेवाले में से खाना, और बलवन्त में से मीठी वस्तु निकली।” इस पहेली का अर्थ वे तीन दिन के भीतर न बता सके।
१५सातवें दिन उन्होंने शिमशोन की पत्नी से कहा, “अपने पति को फुसला कि वह हमें पहेली का अर्थ बताए, नहीं तो हम तुझे तेरे पिता के घर समेत आग में जलाएँगे। क्या तुम लोगों ने हमारा धन लेने के लिये हमें नेवता दिया है? क्या यही बात नहीं है?”
१६तब शिमशोन की पत्नी यह कहकर उसके सामने रोने लगी, “तू तो मुझसे प्रेम नहीं, बैर ही रखता है; कि तूने एक पहेली मेरी जाति के लोगों से तो कही है, परन्तु मुझ को उसका अर्थ भी नहीं बताया।” उसने कहा, “मैंने उसे अपनी माता या पिता को भी नहीं बताया, फिर क्या मैं तुझको बता दूँ?”
१७भोज के सातों दिनों में वह स्त्री उसके सामने रोती रही; और सातवें दिन जब उसने उसको बहुत तंग किया; तब उसने उसको पहेली का अर्थ बता दिया। तब उसने उसे अपनी जाति के लोगों को बता दिया।
१८तब सातवें दिन सूर्य डूबने न पाया कि उस नगर के मनुष्यों ने शिमशोन से कहा, “मधु से अधिक क्या मीठा? और सिंह से अधिक क्या बलवन्त है?” उसने उनसे कहा, “यदि तुम मेरी बछिया को हल में न जोतते, तो मेरी पहेली को कभी न समझते”
