न्यायियों १६:२८
तब शिमशोन ने यह कहकर यहोवा की दुहाई दी, “हे प्रभु यहोवा, मेरी सुधि ले; हे परमेश्वर, अब की बार मुझे बल दे, कि मैं पलिश्तियों से अपनी दोनों आँखों का एक ही बदला लूँ।”न्यायियों १६:२८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Judges 16:28
- Samson called to the LORD, and said, “Lord GOD, remember me, please, and strengthen me, please, only this once, God, that I may be at once avenged of the Philistines for my two eyes.”
- ગુજરાતી — ન્યાયાધીશો ૧૬:૨૮
- સામસૂને ઈશ્વરને યાદ કરીને કહ્યું, “પ્રભુ, ઈશ્વર, મને સ્મરણમાં લો, કૃપા કરીને આટલી એક વાર મને સામર્થ્યવાન કરો, કે જેથી હું મારી બન્ને આંખો ફોડ્યાનું સામટું વેર પલિસ્તીઓ પર વાળી શકું.”
संदर्भ में
२६तब शिमशोन ने उस लड़के से जो उसका हाथ पकड़े था कहा, “मुझे उन खम्भों को, जिनसे घर सम्भला हुआ है छूने दे, कि मैं उस पर टेक लगाऊँ।”
२७वह घर तो स्त्री पुरुषों से भरा हुआ था; पलिश्तियों के सब सरदार भी वहाँ थे, और छत पर कोई तीन हजार स्त्री और पुरुष थे, जो शिमशोन को तमाशा करते हुए देख रहे थे।
२८तब शिमशोन ने यह कहकर यहोवा की दुहाई दी, “हे प्रभु यहोवा, मेरी सुधि ले; हे परमेश्वर, अब की बार मुझे बल दे, कि मैं पलिश्तियों से अपनी दोनों आँखों का एक ही बदला लूँ।”
२९तब शिमशोन ने उन दोनों बीचवाले खम्भों को जिनसे घर सम्भला हुआ था, पकड़कर एक पर तो दाहिने हाथ से और दूसरे पर बाएँ हाथ से बल लगा दिया।
३०और शिमशोन ने कहा, “पलिश्तियों के संग मेरा प्राण भी जाए।” और वह अपना सारा बल लगाकर झुका; तब वह घर सब सरदारों और उसमें के सारे लोगों पर गिर पड़ा। इस प्रकार जिनको उसने मरते समय मार डाला वे उनसे भी अधिक थे जिन्हें उसने अपने जीवन में मार डाला था। (इब्रा. 11:32)
