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Methodist Church Nadiad
जब वह पुरुष अपनी रखैल और सेवक समेत विदा होने को उठा, तब उसके ससुर अर्थात् स्त्री के पिता ने उससे कहा, “देख दिन तो ढल चला है, और साँझ होने पर है; इसलिए तुम लोग रात भर टिके रहो। देख, दिन तो डूबने पर है; इसलिए यहीं आनन्द करता हुआ रात बिता, और सवेरे को उठकर अपना मार्ग लेना, और अपने डेरे को चले जाना।”

न्यायियों १९:९ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishJudges 19:9
When the man rose up to depart, he, and his concubine, and his servant, his father-in-law, the young lady’s father, said to him, “Behold, now the day draws toward evening, please stay all night. Behold, the day is ending. Stay here, that your heart may be merry; and tomorrow go on your way early, that you may go home.”
ગુજરાતીન્યાયાધીશો ૧૯:૯
પછી લેવી, તેની ઉપપત્ની તથા તેનો ચાકર જવા માટે ઊભા થયા, ત્યારે તેના સસરાએ, એટલે યુવતીના પિતાએ તેને કહ્યું, “જો, હવે દિવસ આથમવા આવ્યો છે. કૃપા કરી આજે રાત્રે પણ રોકાઈ જાઓ અને આનંદ કરો. આવતીકાલે વહેલા ઊઠીને તમારે ઘરે પાછા જજો.

संदर्भ में

वह पुरुष विदा होने को उठा, परन्तु उसके ससुर ने विनती करके उसे दबाया, इसलिए उसने फिर उसके यहाँ रात बिताई।

पाँचवें दिन भोर को वह तो विदा होने को सवेरे उठा; परन्तु स्त्री के पिता ने कहा, “अपना जी ठंडा कर, और तुम दोनों दिन ढलने तक रुके रहो।” तब उन दोनों ने रोटी खाई।

जब वह पुरुष अपनी रखैल और सेवक समेत विदा होने को उठा, तब उसके ससुर अर्थात् स्त्री के पिता ने उससे कहा, “देख दिन तो ढल चला है, और साँझ होने पर है; इसलिए तुम लोग रात भर टिके रहो। देख, दिन तो डूबने पर है; इसलिए यहीं आनन्द करता हुआ रात बिता, और सवेरे को उठकर अपना मार्ग लेना, और अपने डेरे को चले जाना।”

१०परन्तु उस पुरुष ने उस रात को टिकना न चाहा, इसलिए वह उठकर विदा हुआ, और काठी बाँधे हुए दो गदहे और अपनी रखैल संग लिए हुए यबूस के सामने तक (जो यरूशलेम कहलाता है) पहुँचा।

११वे यबूस के पास थे, और दिन बहुत ढल गया था, कि सेवक ने अपने स्वामी से कहा, “आ, हम यबूसियों के इस नगर में मुड़कर टिकें।”

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