विलापगीत १:२
रात को वह फूट फूटकर रोती है, उसके आँसू गालों पर ढलकते हैं; उसके सब यारों में से अब कोई उसे शान्ति नहीं देता; उसके सब मित्रों ने उससे विश्वासघात किया, और उसके शत्रु बन गए हैं।विलापगीत १:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Lamentations 1:2
- She weeps bitterly in the night. Her tears are on her cheeks. Among all her lovers she has no one to comfort her. All her friends have dealt treacherously with her. They have become her enemies.
- ગુજરાતી — યર્મિયાનો વિલાપ ૧:૨
- તે રાત્રે પોક મૂકીને રડે છે અને તેના ગાલ પર અશ્રુધારા વહે છે. તેના પ્રેમીઓમાંથી તેને આશ્વાસન આપનાર કોઈ નથી. તેના સર્વ મિત્રોએ તેને દગો કર્યો છે. તેઓ તેના શત્રુઓ થયા છે.
संदर्भ में
१जो नगरी लोगों से भरपूर थी वह अब कैसी अकेली बैठी हुई है! वह क्यों एक विधवा के समान बन गई? वह जो जातियों की दृष्टि में महान और प्रान्तों में रानी थी, अब क्यों कर देनेवाली हो गई है।
२रात को वह फूट फूटकर रोती है, उसके आँसू गालों पर ढलकते हैं; उसके सब यारों में से अब कोई उसे शान्ति नहीं देता; उसके सब मित्रों ने उससे विश्वासघात किया, और उसके शत्रु बन गए हैं।
३यहूदा दुःख और कठिन दासत्व के कारण परदेश चली गई; परन्तु अन्यजातियों में रहती हुई वह चैन नहीं पाती; उसके सब खदेड़नेवालों ने उसकी सकेती में उसे पकड़ लिया है।
४सिय्योन के मार्ग विलाप कर रहे हैं, क्योंकि नियत पर्वों में कोई नहीं आता है; उसके सब फाटक सुनसान पड़े हैं, उसके याजक कराहते हैं; उसकी कुमारियाँ शोकित हैं, और वह आप कठिन दुःख भोग रही है।
