विलापगीत २:१०
सिय्योन की पुत्री के पुरनिये भूमि पर चुपचाप बैठे हैं; उन्होंने अपने सिर पर धूल उड़ाई और टाट का फेंटा बाँधा है; यरूशलेम की कुमारियों ने अपना-अपना सिर भूमि तक झुकाया है।विलापगीत २:१० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Lamentations 2:10
- The elders of the daughter of Zion sit on the ground. They keep silence. They have cast up dust on their heads. They have clothed themselves with sackcloth. The virgins of Jerusalem hang down their heads to the ground.
- ગુજરાતી — યર્મિયાનો વિલાપ ૨:૧૦
- સિયોનની દીકરીના વડીલો મૂંગા થઈને ભૂમિ પર બેસે છે. તેઓએ પોતાના માથા પર ધૂળ નાખી છે; તેઓએ ટાટનો પટ્ટો કમરે બાંધ્યો છે. યરુશાલેમની કુંવારિકાઓએ પોતાના માથાં જમીન સુધી નમાવ્યાં છે.
संदर्भ में
८यहोवा ने सिय्योन की कुमारी की शहरपनाह तोड़ डालने की ठानी थी: उसने डोरी डाली और अपना हाथ उसे नाश करने से नहीं खींचा; उसने किले और शहरपनाह दोनों से विलाप करवाया, वे दोनों एक साथ गिराए गए हैं।
९उसके फाटक भूमि में धस गए हैं, उनके बेंड़ों को उसने तोड़कर नाश किया। उसके राजा और हाकिम अन्यजातियों में रहने के कारण व्यवस्थारहित हो गए हैं, और उसके भविष्यद्वक्ता यहोवा से दर्शन नहीं पाते हैं।
१०सिय्योन की पुत्री के पुरनिये भूमि पर चुपचाप बैठे हैं; उन्होंने अपने सिर पर धूल उड़ाई और टाट का फेंटा बाँधा है; यरूशलेम की कुमारियों ने अपना-अपना सिर भूमि तक झुकाया है।
११मेरी आँखें आँसू बहाते-बहाते धुँधली पड़ गई हैं; मेरी अंतड़ियाँ ऐंठी जाती हैं; मेरे लोगों की पुत्री के विनाश के कारण मेरा कलेजा फट गया है, क्योंकि बच्चे वरन् दूध-पीते बच्चे भी नगर के चौकों में मूर्छित होते हैं।
१२वे अपनी-अपनी माता से रोकर कहते हैं, अन्न और दाखमधु कहाँ हैं? वे नगर के चौकों में घायल किए हुए मनुष्य के समान मूर्छित होकर अपने प्राण अपनी-अपनी माता की गोद में छोड़ते हैं।
