विलापगीत २:१९
रात के हर पहर के आरम्भ में उठकर चिल्लाया कर! प्रभु के सम्मुख अपने मन की बातों को धारा के समान उण्डेल! तेरे बाल-बच्चे जो हर एक सड़क के सिरे पर भूख के कारण मूर्छित हो रहे हैं, उनके प्राण के निमित्त अपने हाथ उसकी ओर फैला।विलापगीत २:१९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Lamentations 2:19
- Arise, cry out in the night, at the beginning of the watches! Pour out your heart like water before the face of the Lord. Lift up your hands toward him for the life of your young children, who faint for hunger at the head of every street.
- ગુજરાતી — યર્મિયાનો વિલાપ ૨:૧૯
- તું રાત્રીના પ્રથમ પહોરે ઊઠીને મોટેથી પ્રાર્થના કર; પ્રભુની સમક્ષ હૃદયને પાણીની જેમ વહાવ. તારાં જે બાળકો સર્વ શેરીઓના નાકાંમાં ભૂખે મૂર્ચ્છિત થાય છે, તેઓના જીવ બચાવવાને માટે તારા હાથ તેમની તરફ ઊંચા કર.”
संदर्भ में
१७यहोवा ने जो कुछ ठाना था वही किया भी है, जो वचन वह प्राचीनकाल से कहता आया है वही उसने पूरा भी किया है ; उसने निष्ठुरता से तुझे ढा दिया है, उसने शत्रुओं को तुझ पर आनन्दित किया, और तेरे द्रोहियों के सींग को ऊँचा किया है।
१८वे प्रभु की ओर तन मन से पुकारते हैं! हे सिय्योन की कुमारी की शहरपनाह, अपने आँसू रात दिन नदी के समान बहाती रह! तनिक भी विश्राम न ले, न तेरी आँख की पुतली चैन ले!
१९रात के हर पहर के आरम्भ में उठकर चिल्लाया कर! प्रभु के सम्मुख अपने मन की बातों को धारा के समान उण्डेल! तेरे बाल-बच्चे जो हर एक सड़क के सिरे पर भूख के कारण मूर्छित हो रहे हैं, उनके प्राण के निमित्त अपने हाथ उसकी ओर फैला।
२०हे यहोवा दृष्टि कर, और ध्यान से देख कि तूने यह सब दुःख किसको दिया है? क्या स्त्रियाँ अपना फल अर्थात् अपनी गोद के बच्चों को खा डालें? हे प्रभु, क्या याजक और भविष्यद्वक्ता तेरे पवित्रस्थान में घात किए जाएँ?
२१सड़कों में लड़के और बूढ़े दोनों भूमि पर पड़े हैं; मेरी कुमारियाँ और जवान लोग तलवार से गिर गए हैं; तूने कोप करने के दिन उन्हें घात किया; तूने निष्ठुरता के साथ उनका वध किया है।
