विलापगीत ४:१२
पृथ्वी का कोई राजा या जगत का कोई निवासी इसका कभी विश्वास न कर सकता था, कि द्रोही और शत्रु यरूशलेम के फाटकों के भीतर घुसने पाएँगे।विलापगीत ४:१२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Lamentations 4:12
- The kings of the earth didn’t believe, neither did all the inhabitants of the world, that the adversary and the enemy would enter into the gates of Jerusalem.
- ગુજરાતી — યર્મિયાનો વિલાપ ૪:૧૨
- શત્રુ કે વૈરી યરુશાલેમના પ્રવેશદ્વારમાં પેસશે, એવું પૃથ્વીના રાજાઓ તથા પૃથ્વીના રહેવાસીઓ માનતા નહોતા.
संदर्भ में
१०दयालु स्त्रियों ने अपने ही हाथों से अपने बच्चों को पकाया है; मेरे लोगों के विनाश के समय वे ही उनका आहार बन गए।
११यहोवा ने अपनी पूरी जलजलाहट प्रगट की, उसने अपना कोप बहुत ही भड़काया; और सिय्योन में ऐसी आग लगाई जिससे उसकी नींव तक भस्म हो गई है।
१२पृथ्वी का कोई राजा या जगत का कोई निवासी इसका कभी विश्वास न कर सकता था, कि द्रोही और शत्रु यरूशलेम के फाटकों के भीतर घुसने पाएँगे।
१३यह उसके भविष्यद्वक्ताओं के पापों और उसके याजकों के अधर्म के कामों के कारण हुआ है; क्योंकि वे उसके बीच धर्मियों की हत्या करते आए हैं।
१४वे अब सड़कों में अंधे सरीखे मारे-मारे फिरते हैं , और मानो लहू की छींटों से यहाँ तक अशुद्ध हैं कि कोई उनके वस्त्र नहीं छू सकता।
