लैव्यव्यवस्था १३:२७
और सातवें दिन याजक उसको देखे, और यदि वह चर्म में फैल गई हो, तो वह उस मनुष्य को अशुद्ध ठहराए; क्योंकि उसको कोढ़ की व्याधि है।लैव्यव्यवस्था १३:२७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Leviticus 13:27
- The priest shall examine him on the seventh day. If it has spread in the skin, then the priest shall pronounce him unclean. It is the plague of leprosy.
- ગુજરાતી — લેવી ૧૩:૨૭
- પછી સાતમે દિવસે યાજક તેને તપાસે. જો ચાઠું ચામડીમાં ફેલાયું હોય, તો યાજકે તેને અશુદ્ધ જાહેર કરવો. તે તો કુષ્ટરોગ રોગ છે.
संदर्भ में
२५तो याजक उसको देखे, और यदि उस दाग में के रोएँ उजले हो गए हों और वह चर्म से गहरा दिखाई पड़े, तो वह कोढ़ है; जो उस जलने के दाग में से फूट निकला है; याजक उस मनुष्य को अशुद्ध ठहराए; क्योंकि उसमें कोढ़ की व्याधि है।
२६पर यदि याजक देखे, कि दाग में उजले रोएँ नहीं और न वह चर्म से कुछ गहरा है, और उसकी चमक कम हुई है, तो वह उसको सात दिन तक बन्द करके रखे,
२७और सातवें दिन याजक उसको देखे, और यदि वह चर्म में फैल गई हो, तो वह उस मनुष्य को अशुद्ध ठहराए; क्योंकि उसको कोढ़ की व्याधि है।
२८परन्तु यदि वह दाग चर्म में नहीं फैला और अपने स्थान ही पर जहाँ का तहाँ बना हो, और उसकी चमक कम हुई हो, तो वह जल जाने के कारण सूजा हुआ है, याजक उस मनुष्य को शुद्ध ठहराए; क्योंकि वह दाग जल जाने के कारण से है।
२९“फिर यदि किसी पुरुष या स्त्री के सिर पर, या पुरुष की दाढ़ी में व्याधि हो,
