लैव्यव्यवस्था १३:५
और सातवें दिन याजक उसको देखे, और यदि वह व्याधि जैसी की तैसी बनी रहे और उसके चर्म में न फैली हो, तो याजक उसको और भी सात दिन तक बन्द करके रखे;लैव्यव्यवस्था १३:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Leviticus 13:5
- The priest shall examine him on the seventh day. Behold, if in his eyes the plague is arrested and the plague hasn’t spread in the skin, then the priest shall isolate him for seven more days.
- ગુજરાતી — લેવી ૧૩:૫
- સાતમે દિવસે યાજકે તેને ફરીથી તપાસવો અને જો તે સફેદ ડાઘ જેવો હતો તેવો જ રહ્યો હોય અને ચામડીના બીજા ભાગમાં પ્રસર્યો ના હોય, તો યાજકે તેને બીજા સાત દિવસ સુધી જુદો રાખવો.
संदर्भ में
३जब याजक उसके चर्म की व्याधि को देखे, और यदि उस व्याधि के स्थान के रोएँ उजले हो गए हों और व्याधि चर्म से गहरी दिखाई पड़े, तो वह जान ले कि कोढ़ की व्याधि है; और याजक उस मनुष्य को देखकर उसको अशुद्ध ठहराए।
४पर यदि वह दाग उसके चर्म में उजला तो हो, परन्तु चर्म से गहरा न देख पड़े, और न वहाँ के रोएँ उजले हो गए हों, तो याजक उसको सात दिन तक बन्द करके रखे;
५और सातवें दिन याजक उसको देखे, और यदि वह व्याधि जैसी की तैसी बनी रहे और उसके चर्म में न फैली हो, तो याजक उसको और भी सात दिन तक बन्द करके रखे;
६और सातवें दिन याजक उसको फिर देखे, और यदि देख पड़े कि व्याधि की चमक कम है और व्याधि चर्म पर फैली न हो, तो याजक उसको शुद्ध ठहराए; क्योंकि उसके तो चर्म में पपड़ी है; और वह अपने वस्त्र धोकर शुद्ध हो जाए।
७पर यदि याजक की उस जाँच के पश्चात् जिसमें वह शुद्ध ठहराया गया था, वह पपड़ी उसके चर्म पर बहुत फैल जाए, तो वह फिर याजक को दिखाया जाए;
