लैव्यव्यवस्था १३:५५
और उसके धोने के बाद याजक उसको देखे, और यदि व्याधि का न तो रंग बदला हो, और न व्याधि फैली हो, तो जानना कि वह अशुद्ध है; उसे आग में जलाना, क्योंकि चाहे वह व्याधि भीतर चाहे ऊपरी हो तो भी वह खा जानेवाली व्याधि है।लैव्यव्यवस्था १३:५५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Leviticus 13:55
- Then the priest shall examine it, after the plague is washed; and behold, if the plague hasn’t changed its color, and the plague hasn’t spread, it is unclean; you shall burn it in the fire. It is a mildewed spot, whether the bareness is inside or outside.
- ગુજરાતી — લેવી ૧૩:૫૫
- પછી તે સમય બાદ યાજકે ફરી જોવું, જો ડાઘનો રંગ ન બદલાય કે તે ના ફેલાય તો પણ તે ફૂગ છે, અને તેથી તે અશુદ્ધ છે. તે વસ્તુને ચેપ લાગેલો હોવાથી તેને બાળી નાખીને નાશ કરવો જોઈએ.
संदर्भ में
५३“यदि याजक देखे कि वह व्याधि उस वस्त्र के ताने या बाने में, या चमड़े की उस वस्तु में नहीं फैली,
५४तो जिस वस्तु में व्याधि हो उसके धोने की आज्ञा दे, तब उसे और भी सात दिन तक बन्द करके रखे;
५५और उसके धोने के बाद याजक उसको देखे, और यदि व्याधि का न तो रंग बदला हो, और न व्याधि फैली हो, तो जानना कि वह अशुद्ध है; उसे आग में जलाना, क्योंकि चाहे वह व्याधि भीतर चाहे ऊपरी हो तो भी वह खा जानेवाली व्याधि है।
५६पर यदि याजक देखे, कि उसके धोने के पश्चात् व्याधि की चमक कम हो गई, तो वह उसको वस्त्र के चाहे ताने चाहे बाने में से, या चमड़े में से फाड़कर निकाले;
५७और यदि वह व्याधि तब भी उस वस्त्र के ताने या बाने में, या चमड़े की उस वस्तु में दिखाई पड़े, तो जानना कि वह फूटकर निकली हुई व्याधि है; और जिसमें वह व्याधि हो उसे आग में जलाना।
