लैव्यव्यवस्था १५:२७
और जो कोई उन वस्तुओं को छूए वह अशुद्ध ठहरे, इसलिए वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे।लैव्यव्यवस्था १५:२७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Leviticus 15:27
- Whoever touches these things shall be unclean, and shall wash his clothes and bathe himself in water, and be unclean until the evening.
- ગુજરાતી — લેવી ૧૫:૨૭
- જે કોઈ તે પથારી કે આસનને સ્પર્શ કરે તે અશુદ્ધ ગણાય. તેણે પોતાના વસ્ત્રો ધોઈ નાખવાં, પાણીથી સ્નાન કરવું અને સાંજ સુધી તે અશુદ્ધ ગણાય.
संदर्भ में
२५“फिर यदि किसी स्त्री के अपने मासिक धर्म के नियुक्त समय से अधिक दिन तक रूधिर बहता रहे, या उस नियुक्त समय से अधिक समय तक ऋतुमती रहे, तो जब तक वह ऐसी दशा में रहे तब तक वह अशुद्ध ठहरी रहे। (मत्ती 9:20)
२६उसके ऋतुमती रहने के सब दिनों में जिस-जिस बिछौने पर वह लेटे वे सब उसके मासिक धर्म के बिछौने के समान ठहरें; और जिस-जिस वस्तु पर वह बैठे वे भी उसके ऋतुमती रहने के दिनों के समान अशुद्ध ठहरें।
२७और जो कोई उन वस्तुओं को छूए वह अशुद्ध ठहरे, इसलिए वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे।
२८और जब वह स्त्री अपने ऋतुमती से शुद्ध हो जाए, तब से वह सात दिन गिन ले, और उन दिनों के बीतने पर वह शुद्ध ठहरे।
२९फिर आठवें दिन वह दो पंडुक या कबूतरी के दो बच्चे लेकर मिलापवाले तम्बू के द्वार पर याजक के पास जाए।
