लैव्यव्यवस्था २५:११
तुम्हारे यहाँ वह पचासवाँ वर्ष जुबली का वर्ष कहलाए; उसमें तुम न बोना, और जो अपने आप उगें उसे भी न काटना, और न बिन छाँटी हुई दाखलता की दाखों को तोड़ना।लैव्यव्यवस्था २५:११ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Leviticus 25:11
- That fiftieth year shall be a jubilee to you. In it you shall not sow, neither reap that which grows of itself, nor gather from the undressed vines.
- ગુજરાતી — લેવી ૨૫:૧૧
- એ પચાસમાંનું વર્ષ તમારા માટે ખાસ જ્યુબિલીનો વર્ષ થાય. એ વર્ષે તમારે કાંઈ વાવવું નહિ, અને પોતાની જાતે જે ઊગ્યું હોય તે ખાવું. તેમ જ કાપકૂપ કર્યા વિનાની દ્રાક્ષની વાડીમાંથી દ્રાક્ષ વીણી લેવી.
संदर्भ में
९तब सातवें महीने के दसवें दिन को, अर्थात् प्रायश्चित के दिन, जय जयकार के महाशब्द का नरसिंगा अपने सारे देश में सब कहीं फुँकवाना।
१०और उस पचासवें वर्ष को पवित्र करके मानना, और देश के सारे निवासियों के लिये छुटकारे का प्रचार करना; वह वर्ष तुम्हारे यहाँ जुबली कहलाए; उसमें तुम अपनी-अपनी निज भूमि और अपने-अपने घराने में लौटने पाओगे।
११तुम्हारे यहाँ वह पचासवाँ वर्ष जुबली का वर्ष कहलाए; उसमें तुम न बोना, और जो अपने आप उगें उसे भी न काटना, और न बिन छाँटी हुई दाखलता की दाखों को तोड़ना।
१२क्योंकि वह तो जुबली का वर्ष होगा; वह तुम्हारे लिये पवित्र होगा; तुम उसकी उपज खेत ही में से ले लेकर खाना।
१३“इस जुबली के वर्ष में तुम अपनी-अपनी निज भूमि को लौटने पाओगे।
