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Methodist Church Nadiad
“तुम आप ही निर्णय क्यों नहीं कर लेते, कि उचित क्या है?

लूका १२:५७ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishLuke 12:57
“Why don’t you judge for yourselves what is right?
ગુજરાતીલૂક ૧૨:૫૭
અને વાજબી શું છે તે તમે પોતાની જાતે કેમ પારખતા નથી?

संदर्भ में

५५और जब दक्षिणी हवा चलती देखते हो तो कहते हो, कि लूह चलेगी, और ऐसा ही होता है।

५६हे कपटियों, तुम धरती और आकाश के रूप में भेद कर सकते हो, परन्तु इस युग के विषय में क्यों भेद करना नहीं जानते?

५७“तुम आप ही निर्णय क्यों नहीं कर लेते, कि उचित क्या है?

५८जब तू अपने मुद्दई के साथ न्यायाधीश के पास जा रहा है, तो मार्ग ही में उससे छूटने का यत्न कर ले ऐसा न हो, कि वह तुझे न्यायी के पास खींच ले जाए, और न्यायी तुझे सिपाही को सौंपे और सिपाही तुझे बन्दीगृह में डाल दे।

५९मैं तुम से कहता हूँ, कि जब तक तू पाई-पाई न चुका देगा तब तक वहाँ से छूटने न पाएगा।”

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