लूका १३:३४
“हे यरूशलेम! हे यरूशलेम! तू जो भविष्यद्वक्ताओं को मार डालता है, और जो तेरे पास भेजे गए उन्हें पथराव करता है; कितनी ही बार मैंने यह चाहा, कि जैसे मुर्गी अपने बच्चों को अपने पंखों के नीचे इकट्ठे करती है, वैसे ही मैं भी तेरे बालकों को इकट्ठे करूँ, पर तुम ने यह न चाहा।लूका १३:३४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Luke 13:34
- “Jerusalem, Jerusalem, you who kills the prophets and stones those who are sent to her! How often I wanted to gather your children together, like a hen gathers her own brood under her wings, and you refused!
- ગુજરાતી — લૂક ૧૩:૩૪
- ઓ યરુશાલેમ, યરુશાલેમ, પ્રબોધકોને મારી નાખનાર તથા તારી પાસે મોકલેલાને પથ્થરે મારનાર, મરઘી જેમ પોતાનાં બચ્ચાંને પાંખો નીચે એકત્ર કરે છે, તે પ્રમાણે મેં કેટલી વખત તારાં બાળકોને એકઠાં કરવાનું ચાહ્યું, પણ તમે તે થવા દીધું નહિ.
संदर्भ में
३२उसने उनसे कहा, “जाकर उस लोमड़ी से कह दो, कि देख मैं आज और कल दुष्टात्माओं को निकालता और बीमारों को चंगा करता हूँ और तीसरे दिन अपना कार्य पूरा करूँगा।
३३तो भी मुझे आज और कल और परसों चलना अवश्य है, क्योंकि हो नहीं सकता कि कोई भविष्यद्वक्ता यरूशलेम के बाहर मारा जाए।
३४“हे यरूशलेम! हे यरूशलेम! तू जो भविष्यद्वक्ताओं को मार डालता है, और जो तेरे पास भेजे गए उन्हें पथराव करता है; कितनी ही बार मैंने यह चाहा, कि जैसे मुर्गी अपने बच्चों को अपने पंखों के नीचे इकट्ठे करती है, वैसे ही मैं भी तेरे बालकों को इकट्ठे करूँ, पर तुम ने यह न चाहा।
३५देखो, तुम्हारा घर तुम्हारे लिये उजाड़ छोड़ा जाता है, और मैं तुम से कहता हूँ; जब तक तुम न कहोगे, ‘धन्य है वह, जो प्रभु के नाम से आता है,’ तब तक तुम मुझे फिर कभी न देखोगे।” (भज. 118:26, यिर्म. 12:7)
