लूका १४:१२
तब उसने अपने नेवता देनेवाले से भी कहा, “जब तू दिन का या रात का भोज करे, तो अपने मित्रों या भाइयों या कुटुम्बियों या धनवान पड़ोसियों को न बुला, कहीं ऐसा न हो, कि वे भी तुझे नेवता दें, और तेरा बदला हो जाए।लूका १४:१२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Luke 14:12
- He also said to the one who had invited him, “When you make a dinner or a supper, don’t call your friends, nor your brothers, nor your kinsmen, nor rich neighbors, or perhaps they might also return the favor, and pay you back.
- ગુજરાતી — લૂક ૧૪:૧૨
- જેણે તેમને નિમંત્ર્યા હતા તેને પણ ઈસુએ કહ્યું કે, જયારે તું દિવસનું કે રાતનું ભોજન આપે, ‘ત્યારે કેવળ તારા મિત્રોને, ભાઈઓને, સગાંઓને, કે શ્રીમંત પડોશીઓને ન બોલાવ; એમ ન થાય કે કદાચ તેઓ પણ તને પાછા બોલાવે, અને તને બદલો મળે.
संदर्भ में
१०पर जब तू बुलाया जाए, तो सबसे नीची जगह जा बैठ, कि जब वह, जिसने तुझे नेवता दिया है आए, तो तुझ से कहे ‘हे मित्र, आगे बढ़कर बैठ,’ तब तेरे साथ बैठनेवालों के सामने तेरी बड़ाई होगी। (नीति. 25:6,7)
११क्योंकि जो कोई अपने आपको बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो कोई अपने आपको छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।”
१२तब उसने अपने नेवता देनेवाले से भी कहा, “जब तू दिन का या रात का भोज करे, तो अपने मित्रों या भाइयों या कुटुम्बियों या धनवान पड़ोसियों को न बुला, कहीं ऐसा न हो, कि वे भी तुझे नेवता दें, और तेरा बदला हो जाए।
१३परन्तु जब तू भोज करे, तो कंगालों, टुण्डों, लँगड़ों और अंधों को बुला।
१४तब तू धन्य होगा, क्योंकि उनके पास तुझे बदला देने को कुछ नहीं, परन्तु तुझे धर्मियों के जी उठने पर इसका प्रतिफल मिलेगा।”
