लूका २:३७
वह चौरासी वर्ष की विधवा थी: और मन्दिर को नहीं छोड़ती थी पर उपवास और प्रार्थना कर करके रात-दिन उपासना किया करती थी।लूका २:३७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Luke 2:37
- and she had been a widow for about eighty-four years), who didn’t depart from the temple, worshiping with fastings and petitions night and day.
- ગુજરાતી — લૂક ૨:૩૭
- તે ચોર્યાસી વર્ષથી વિધવા હતી; તે ભક્તિસ્થાનમાં જ રહેતી હતી, અને રાતદિવસ ઉપવાસ તથા પ્રાર્થનાસહિત ભજન કર્યા કરતી હતી.
संदर्भ में
३५(वरन् तेरा प्राण भी तलवार से आर-पार छिद जाएगा) इससे बहुत हृदयों के विचार प्रगट होंगे।”
३६और आशेर के गोत्र में से हन्नाह नामक फनूएल की बेटी एक भविष्यद्वक्तिन थी: वह बहुत बूढ़ी थी, और विवाह होने के बाद सात वर्ष अपने पति के साथ रह पाई थी।
३७वह चौरासी वर्ष की विधवा थी: और मन्दिर को नहीं छोड़ती थी पर उपवास और प्रार्थना कर करके रात-दिन उपासना किया करती थी।
३८और वह उस घड़ी वहाँ आकर परमेश्वर का धन्यवाद करने लगी, और उन सभी से, जो यरूशलेम के छुटकारे की प्रतीक्षा कर रहे थे, उसके विषय में बातें करने लगी। (यशा. 52:9)
३९और जब वे प्रभु की व्यवस्था के अनुसार सब कुछ निपटा चुके तो गलील में अपने नगर नासरत को फिर चले गए।
