लूका ४:१८
“प्रभु का आत्मा मुझ पर है, इसलिए कि उसने कंगालों को सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया है, और मुझे इसलिए भेजा है, कि बन्दियों को छुटकारे का और अंधों को दृष्टि पाने का सुसमाचार प्रचार करूँ और कुचले हुओं को छुड़ाऊँ, (यशा. 58:6, यशा. 61:1,2)लूका ४:१८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Luke 4:18
- “The Spirit of the Lord is on me, because he has anointed me to preach good news to the poor. He has sent me to heal the broken hearted, to proclaim release to the captives, recovering of sight to the blind, to deliver those who are crushed,
- ગુજરાતી — લૂક ૪:૧૮
- ‘પ્રભુનો આત્મા મારા પર છે, કેમ કે દરિદ્રીઓને સુવાર્તા પ્રગટ કરવા સારુ ઈશ્વરે મારો અભિષેક કર્યો છે; બંદીવાનોને છુટકારો આપવા તથા દ્રષ્ટિહીનોને દ્રષ્ટિ આપવા, પીડિતોને છોડાવવાં
संदर्भ में
१६और वह नासरत में आया; जहाँ उसका पालन-पोषण हुआ था; और अपनी रीति के अनुसार सब्त के दिन आराधनालय में जाकर पढ़ने के लिये खड़ा हुआ।
१७यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक उसे दी गई, और उसने पुस्तक खोलकर, वह जगह निकाली जहाँ यह लिखा था:
१८“प्रभु का आत्मा मुझ पर है, इसलिए कि उसने कंगालों को सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया है, और मुझे इसलिए भेजा है, कि बन्दियों को छुटकारे का और अंधों को दृष्टि पाने का सुसमाचार प्रचार करूँ और कुचले हुओं को छुड़ाऊँ, (यशा. 58:6, यशा. 61:1,2)
१९और प्रभु के प्रसन्न रहने के वर्ष का प्रचार करूँ।”
२०तब उसने पुस्तक बन्द करके सेवक के हाथ में दे दी, और बैठ गया: और आराधनालय के सब लोगों की आँखें उस पर लगी थी।
