लूका ९:२२
और उसने कहा, “मनुष्य के पुत्र के लिये अवश्य है, कि वह बहुत दुःख उठाए, और पुरनिए और प्रधान याजक और शास्त्री उसे तुच्छ समझकर मार डालें, और वह तीसरे दिन जी उठे।”लूका ९:२२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Luke 9:22
- saying, “The Son of Man must suffer many things, and be rejected by the elders, chief priests, and scribes, and be killed, and the third day be raised up.”
- ગુજરાતી — લૂક ૯:૨૨
- વળી, ઈસુએ તેઓને કહ્યું કે, ‘માણસના દીકરાને ઘણું દુ:ખ સહેવું, વડીલોથી તથા મુખ્ય યાજકો તથા શાસ્ત્રીઓથી નાપસંદ થવું, મરવું, અને ત્રીજે દિવસે પાછા સજીવન થવું આવશ્યક છે.’”
संदर्भ में
२०उसने उनसे पूछा, “परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो?” पतरस ने उत्तर दिया, “ परमेश्वर का मसीह ।”
२१तब उसने उन्हें चेतावनी देकर कहा, “यह किसी से न कहना।”
२२और उसने कहा, “मनुष्य के पुत्र के लिये अवश्य है, कि वह बहुत दुःख उठाए, और पुरनिए और प्रधान याजक और शास्त्री उसे तुच्छ समझकर मार डालें, और वह तीसरे दिन जी उठे।”
२३उसने सबसे कहा, “यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप से इन्कार करे और प्रतिदिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले।
२४क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहेगा वह उसे खोएगा, परन्तु जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा वही उसे बचाएगा।
