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Methodist Church Nadiad
क्योंकि उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक अन्यजातियों में मेरा नाम महान है, और हर कहीं मेरे नाम पर धूप और शुद्ध भेंट चढ़ाई जाती है; क्योंकि अन्यजातियों में मेरा नाम महान है, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। (प्रका. 15:4)

मलाकी १:११ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishMalachi 1:11
For from the rising of the sun even to its going down, my name is great among the nations, and in every place incense will be offered to my name, and a pure offering; for my name is great among the nations,” says the LORD of Armies.
ગુજરાતીમાલાખી ૧:૧૧
સૈન્યોના યહોવાહ કહે છે, કેમ કે સૂર્યોદયથી સૂર્યાસ્ત સુધી પ્રજાઓ વચ્ચે મારું નામ મહાન ગણાય છે; સર્વ સ્થળે મારે નામે ધૂપ તથા પવિત્ર અર્પણ ચઢાવવામાં આવે છે. સર્વ પ્રજાઓ મધ્યે મારું નામ મહાન ગણાય છે.”

संदर्भ में

“अब मैं तुम से कहता हूँ, परमेश्वर से प्रार्थना करो कि वह हम लोगों पर अनुग्रह करे। यह तुम्हारे हाथ से हुआ है; तब क्या तुम समझते हो कि परमेश्वर तुम में से किसी का पक्ष करेगा? सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।

१०भला होता कि तुम में से कोई मन्दिर के किवाड़ों को बन्द करता कि तुम मेरी वेदी पर व्यर्थ आग जलाने न पाते! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है, मैं तुम से कदापि प्रसन्न नहीं हूँ, और न तुम्हारे हाथ से भेंट ग्रहण करूँगा।

११क्योंकि उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक अन्यजातियों में मेरा नाम महान है, और हर कहीं मेरे नाम पर धूप और शुद्ध भेंट चढ़ाई जाती है; क्योंकि अन्यजातियों में मेरा नाम महान है, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। (प्रका. 15:4)

१२परन्तु तुम लोग उसको यह कहकर अपवित्र ठहराते हो कि यहोवा की मेज अशुद्ध है, और जो भोजनवस्तु उस पर से मिलती है वह भी तुच्छ है। (रोम. 2:24)

१३फिर तुम यह भी कहते हो, ‘ यह कैसा बड़ा उपद्रव है !’ सेनाओं के यहोवा का यह वचन है। तुम ने उस भोजनवस्तु के प्रति नाक भौं सिकोड़ी, और अत्याचार से प्राप्त किए हुए और लँगड़े और रोगी पशु की भेंट ले आते हो! क्या मैं ऐसी भेंट तुम्हारे हाथ से ग्रहण करूँ? यहोवा का यही वचन है।

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