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Methodist Church Nadiad
तुम ने कहा है ‘परमेश्वर की सेवा करना व्यर्थ है। हमने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहरावा पहने हुए चले हैं, इससे क्या लाभ हुआ?

मलाकी ३:१४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishMalachi 3:14
You have said, ‘It is vain to serve God,’ and ‘What profit is it that we have followed his instructions and that we have walked mournfully before the LORD of Armies?
ગુજરાતીમાલાખી ૩:૧૪
તમે કહ્યું છે કે, ‘ઈશ્વરની સેવા કરવી વ્યર્થ છે. અમે તેમના વિધિઓ પાળ્યા તથા સૈન્યોના યહોવાહની આગળ શોકપૂર્વક ચાલ્યા તેથી અમને શો લાભ થયો?

संदर्भ में

१२तब सारी जातियाँ तुम को धन्य कहेंगी, क्योंकि तुम्हारा देश मनोहर देश होगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।

१३“यहोवा यह कहता है, तुम ने मेरे विरुद्ध ढिठाई की बातें कही हैं। परन्तु तुम पूछते हो, ‘हमने तेरे विरुद्ध में क्या कहा है?’

१४तुम ने कहा है ‘परमेश्वर की सेवा करना व्यर्थ है। हमने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहरावा पहने हुए चले हैं, इससे क्या लाभ हुआ?

१५अब से हम अभिमानी लोगों को धन्य कहते हैं; क्योंकि दुराचारी तो सफल बन गए हैं, वरन् वे परमेश्वर की परीक्षा करने पर भी बच गए हैं।’”

१६तब यहोवा का भय माननेवालों ने आपस में बातें की, और यहोवा ध्यान धरकर उनकी सुनता था; और जो यहोवा का भय मानते और उसके नाम का सम्मान करते थे, उनके स्मरण के निमित्त उसके सामने एक पुस्तक लिखी जाती थी।

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