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Methodist Church Nadiad
क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिए नहीं आया, कि उसकी सेवा टहल की जाए, पर इसलिए आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों के छुटकारे के लिये अपना प्राण दे।”

मरकुस १०:४५ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishMark 10:45
For the Son of Man also came not to be served but to serve, and to give his life as a ransom for many.”
ગુજરાતીમાર્ક ૧૦:૪૫
કેમ કે માણસનો દીકરો સેવા કરાવવાને નહિ, પણ સેવા કરવાને, તથા ઘણાંનાં મુક્તિમૂલ્યને સારુ પોતાનો જીવ આપવાને આવ્યો છે.’”

संदर्भ में

४३पर तुम में ऐसा नहीं है, वरन् जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने;

४४और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने।

४५क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिए नहीं आया, कि उसकी सेवा टहल की जाए, पर इसलिए आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों के छुटकारे के लिये अपना प्राण दे।”

४६वे यरीहो में आए, और जब वह और उसके चेले, और एक बड़ी भीड़ यरीहो से निकलती थी, तब तिमाई का पुत्र बरतिमाई एक अंधा भिखारी, सड़क के किनारे बैठा था।

४७वह यह सुनकर कि यीशु नासरी है, पुकार पुकारकर कहने लगा “हे दाऊद की सन्तान, यीशु मुझ पर दया कर।”

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