मरकुस ३:५
और उसने उनके मन की कठोरता से उदास होकर, उनको क्रोध से चारों ओर देखा, और उस मनुष्य से कहा, “अपना हाथ बढ़ा।” उसने बढ़ाया, और उसका हाथ अच्छा हो गया।मरकुस ३:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Mark 3:5
- When he had looked around at them with anger, being grieved at the hardening of their hearts, he said to the man, “Stretch out your hand.” He stretched it out, and his hand was restored as healthy as the other.
- ગુજરાતી — માર્ક ૩:૫
- તેઓના હૃદયની કઠોરતાને લીધે તે દિલગીર થઈને ગુસ્સાસહિત ચોતરફ તેઓને જોઈને તે માણસને કહ્યું કે, ‘તારો હાથ લાંબો કર.’” તેણે તે લાંબો કર્યો; અને તેનો હાથ સાજો થયો.
संदर्भ में
३उसने सूखे हाथवाले मनुष्य से कहा, “बीच में खड़ा हो।”
४और उनसे कहा, “क्या सब्त के दिन भला करना उचित है या बुरा करना, प्राण को बचाना या मारना?” पर वे चुप रहे।
५और उसने उनके मन की कठोरता से उदास होकर, उनको क्रोध से चारों ओर देखा, और उस मनुष्य से कहा, “अपना हाथ बढ़ा।” उसने बढ़ाया, और उसका हाथ अच्छा हो गया।
६तब फरीसी बाहर जाकर तुरन्त हेरोदियों के साथ उसके विरोध में सम्मति करने लगे, कि उसे किस प्रकार नाश करें।
७और यीशु अपने चेलों के साथ झील की ओर चला गया: और गलील से एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली।
