मरकुस ४:३२
परन्तु जब बोया गया, तो उगकर सब साग-पात से बड़ा हो जाता है, और उसकी ऐसी बड़ी डालियाँ निकलती हैं, कि आकाश के पक्षी उसकी छाया में बसेरा कर सकते हैं।”मरकुस ४:३२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Mark 4:32
- yet when it is sown, grows up and becomes greater than all the herbs, and puts out great branches, so that the birds of the sky can lodge under its shadow.”
- ગુજરાતી — માર્ક ૪:૩૨
- પણ વાવ્યા પછી તે ઊગી નીકળે છે, અને સર્વ છોડ કરતાં મોટું થાય છે અને તેને એવી મોટી ડાળીઓ થાય છે કે આકાશના પક્ષીઓ તેની છાયા નીચે વાસો કરી શકે છે.’”
संदर्भ में
३०फिर उसने कहा, “हम परमेश्वर के राज्य की उपमा किस से दें, और किस दृष्टान्त से उसका वर्णन करें?
३१वह राई के दाने के समान हैं; कि जब भूमि में बोया जाता है तो भूमि के सब बीजों से छोटा होता है।
३२परन्तु जब बोया गया, तो उगकर सब साग-पात से बड़ा हो जाता है, और उसकी ऐसी बड़ी डालियाँ निकलती हैं, कि आकाश के पक्षी उसकी छाया में बसेरा कर सकते हैं।”
३३और वह उन्हें इस प्रकार के बहुत से दृष्टान्त दे देकर उनकी समझ के अनुसार वचन सुनाता था।
३४और बिना दृष्टान्त कहे उनसे कुछ भी नहीं कहता था; परन्तु एकान्त में वह अपने निज चेलों को सब बातों का अर्थ बताता था।
